संवाद सहयोगी, दिड़बा (संगरूर) : आज के समय में नौजवान पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है। सरकार युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकालने के लिए जहां डेपो व बड्डी प्रोग्राम चला रही है, वहीं नशामुक्त होने के लिए नौजवान का दृढ़ इरादा होना भी बेहद जरूरी है। नजदीकी गांव के नौजवान कुलविदर सिंह ने अपने इसी दृढ़ इरादे से न केवल नशे को हमेशा के लिए छोड़ दिया है, वहीं स्वतंत्रता दिवस पर 16 किलोमीटर लंबी दौड़ लगाकर अपने इरादे के और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया। साथ ही कुलविदर ने इस दौड़ के माध्यम से अन्य युवाओं को भी नशा छोड़ने के लिए इरादा मजबूत रखने का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि दिड़बा का नौजवान कुलविदर सिंह पिछले कुछ वर्षों से नशे की गिरफ्त में पूरी तरह से फंस चुका था। शराब पीने के साथ-साथ वह भुक्की-अफीम का नशा करने लगा था, लेकिन फिर अचानक ही उसने नशे को छोड़ने का फैसला लिया। नशे से मुक्ति पाने की खातिर कुलविदर ने नशामुक्ति केंद्र से दवा व काउसलिग का सहारा लिया और कुछ माह के भीतर ही उसने नशे से मुक्ति पा ली। अब अन्य युवाओं को नशे से मुक्ति पाने की खातिर दृढ़ इरादे से लड़ने का संदेश देने के लिए कुलविदर ने गांव खेडी से गांव तूरबंजारा तक नेशनल हाईवे पर 16 किलोमीटर की दौड़ लगाई। हाथ में तिरंगा झंडा लेकर दौड़े कुलविदर सिंह ने लोगों से कहा कि मजबूत इरादे से ही नशा को छोड़ जा सकता है। नशा नौजवान पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। इसलिए पंजाब की नौजवान पीढ़ी को बचाने की खातिर नशे पर लगाम लगाने में नौजवान अपना सहयोग प्रदान करें। कुलविदर ने कहा कि उसके दोस्तों व परिवार ने उसका हमेशा से हौंसला बढ़ाया, जिनकी बदौलत आज वह नशे से मुक्त हो चुका है। उसने कहा कि वह भविष्य में भी युवाओं को नशे के खिलाफ प्रेरित करने की मुहिम जारी रखेगा।

Posted By: Jagran