संवाद सूत्र, शेरपुर (संगरूर) : आशा वर्करों व फेसीलेटर यूनियन पंजाब ब्लॉक शेरपुर की बैठक प्रधान गुरप्रीत कौर की प्रधानगी में कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में हुई। इसमें शामिल आशा वर्करों द्वारा गत दिन सिविल सर्जन फाजिल्का द्वारा समूह आशा वर्करों के लिए गलत शब्दावली के प्रयोग किए जाने पर निदा की। बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान जसविदर कौर किला हकीमां, रणजीत कौर खेड़ी कलां ने कहा कि आशा वर्करों पर मरीजों को अल्ट्रासाउंड, स्कैन, दवा संबंधी निजी डॉक्टरों के पास लेकर जाने के लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। जबकि सच्चाई यह है कि डॉक्टरों द्वारा अपने तय किए स्कैन सेंटर व मेडिकल स्टोर से ही मरीजों को दवा लिखी जाती हैं। इससे डाक्टरों को सीधे तौर पर मोटा कमीशन जाता है। सिविल सर्जन फाजिल्का द्वारा आशा वर्करों की ओपीडी लेबर रूम में जाने से रोकने संबंधी उन्होंने कहा कि मरीजों को नौ महीने से अगर मोटीवेट करती है तो वह आशा वर्करों की बदौलत हैं। इन सरकारी अस्पतालों में आशा वर्करों द्वारा मेहनत व लगन से किए गए कामों की वजह से ही आम लोगों में सरकारी अस्पतालों प्रति विश्वास पैदा हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब से मांग की कि ऐसी भद्दी शब्दावली इस्तेमाल करने वाले सीनियर अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीएसएसएफ के प्रांतीय सचिव रणजीत सिंह ईसापुर ने भी फैडरेशन की ओर से वर्करों के साथ संघर्ष में हिमायत करने का भरोसा दिया।

इस मौके पर किरनपाल कौर खेड़ी कलां, सुखजिदर कौर, सुरिदर कौर, परमजीत कौर, कमलेश कुमारी, दलजीत कौर, मनजीत कौर, मनदीप कौर, अमरजीत कौर, सुखजिदर कौर आदि आशा वर्कर उपस्थित थीं।

Posted By: Jagran

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