जेएनएन, भवानीगढ़ (संगरूर) :

पकने को कगार पर पहुंच चुकी धान की फसल पर अब काले तेले की मार पड़ने लगी है, जिसे लेकर किसान चितत हो गए हैं। किसान कर्मजीत सिंह, जोरा सिंह, गुरप्रीत सिंह ने बताया कि काला तेला एक सूक्ष्म कीट होता है। जो फसल को बुरी तरह से नष्ट कर देता है। इस कीट को खत्म करने के लिए किसानों द्वारा बड़ी मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन दवा का छिड़काव करने के बाद भी काले तेले पर कंट्रोल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों की चिता और बढ़ गई है। खेतीबाड़ी विभाग के ब्लॉक विकास अफसर भवानीगढ़ मनदीप सिंह का कहना है कि किसान काले तेले के हमले से बचाव के लिए खेतीबाड़ी विभाग द्वारा सिफारिश की गई पैरीमैट्रीजोन, अमेडाक्लोप्रेड को नैलोफोस साल्टों का छिड़काव करें।

Posted By: Jagran

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