जागरण संवाददाता, संगरूर

अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां जिला संगरूर द्वारा जिला प्रधान अमरीक सिंह गंढूआ की अगुवाई में डीसी कार्यालय संगरूर के समक्ष रोष धरना जारी है। बुधवार को संघर्ष के दसवें दिन किसानों ने प्रशासन द्वारा कोई बात शुरू न करने के रोष में डीसी कोठी का घेराव किया।

सड़क पर जाम लगाए बैठे किसानों को संबोधित करते हुए संगठन नेता जसवंत सिंह व जरनैल सिंह ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन किसानों को हलके में ले रही है। कोई भी सरकारी अधिकारी उन से बात नहीं करने पहुंचा। डीसी संगरूर रामवीर किसानों को बैठक का समय देकर भी बैठक नहीं कर रहे, जिसके रोष में डीसी कोठी का घेराव किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि फिर भी प्रशासन ने किसानों की बात नहीं सुनी तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। लोगों को आने वाली दिक्कतों का जिम्मेदार भी संगरूर प्रशासन है। यदि उच्च अधिकारी उनकी मांगों पर गौर करते हैं, तो धरना समाप्त कर दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार घर-घर नौकरी, कर्ज माफी, एक सप्ताह में नशे की समाप्ति, मुलाजिमों को पक्के करने के वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने मांग की कि खुदकुशी पीड़ित किसान परिवारों को तीन-तीन लाख रूपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, पांच एकड़ तक मालकी वाले किसानों के लिए एलान की दो लाख रूपये तक की कर्जा माफी बगैर शर्त किसानों को दी जाए, आंदोलन में मरे किसानों के परिवारों को पांच लाख रूपये मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए, पंजाब को नशा मुक्त किया जाए, यूरिया खाद की कमी दूर की जाए, टोल प्लाजा के मूल्य में की बढ़ोतरी वापस ली जाए, मुलाजिमों को बकाया वेतन दिया जाए, आंदोलनकारी बेरोजगार टीचरों पर मानसा में हुए लाठीचार्ज के लिए जिम्मेवार डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल में डाला जाए, कर्ज माफ किए जाएं।

इस मौके पर बहादर सिंह, दर्शन सादीहरी, सुखपाल सिंह, गोबिदर सिंह, मनजीत घराचों, हरबंस सिंह, जिला महासचिव दरबारा सिंह, कृपाल सिंह जसवंत सिंह, दर्शन सिंह, धूरी, अजैब सिंह, राम सिंह, शेर सिंह आदि मौजूद थे।

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