जागरण संवाददाता, संगरूर :

मनरेगा कानून के मुताबिक काम लेने के लिए डेमोक्रेटिक मनरेगा फ्रंट पंजाब ने डीसी कार्यालय के समक्ष रोष धरना दिया। इसमें बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर धरने को संबोधित करते फ्रंट के राज्य प्रधान राज कुमार सिंह व महासचिव सुनीता रानी कैदपुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने सोलह वर्ष पहले मनरेगा कानून के तहत सौ दिन रोजगार की गारंटी कानून बनाया था, लेकिन वर्ष में सौ दिन कहीं पर भी रोजगार नहीं मिला। उन्होंने लिखती तौर पर काम लेने, काम पर जाने से पहले नियुक्ति पत्र लेने, काम पर लगने समय मस्टररोल पर लगवाने, काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता हासिल करने और वेतन पंद्रह दिन में लेने आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। अंत में एसडीएम अमरिदर सिंह टिवाणा को ज्ञापन सौंपा गया। इस पर उन्होंने मनरेगा को कानून मुताबिक काम देने का आश्वासन दिलाया।

धरने में नेता भोला सिंह, सरबजीत कौर, सोमा रानी, सरबजीत कौर, राजविदर कौर, मनजीत कौर ने मनरेगा दिहाड़ी कम से कम वेतन कानून मुताबिक देने, 200 दिन काम देने, गांव में ग्राम सभा के इजलास करवाकर मनरेगा बजट पास करने, कम काम देने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके आइडीपी के राज्य नेता करनैल सिंह, गुरमीत सिंह, फलजीत सिंह, दर्शन सिंह, त्रिलोचन सिंह, तारा सिंह, बीकेयू सिद्धूपुर के जिला नेता बलजीत सिंह आदि मौजूद थे।

सात माह में मात्र 34 लोगों को मिला सौ दिन रोजगार

बुधवार को सांसद भगवंत मान द्वारा जिला डिवेल्पमेंट कोआर्डिनेशन व मानिटरिग कमेटी की बैठक की गई। इस दौरान मान ने कहा कि जिले में एक लाख चार हजार नौ से 24 जरूरतमंद लोगों के जाब कार्ड बने हुए हैं, जबकि सात माह मे मात्र 34 लोगों को ही सौ दिन का रोजगार मिला है, जबकि 63529 लाभार्थियों को काम ही नसीब नहीं हुआ है। ऐसे में साफ है कि मनरेगा मजदूर जाब कार्ड बनाए जाने के बाद भी काम को तरस रहे है।

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