संवाद सहयोगी, मालेरकोटला (संगरूर) : जिला मालेरकोटला के डिप्टी कमिश्नर अमृत कौर गिल ने शहर से संबंधित सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी व कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए, जिन्हें चेतावनी देकर बेशक छोड़ दिया गया, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए।

डीसी मालेरकोटला जैसे ही सुबह नौ बजे के करीब सरकारी कार्यालय पहुंची, तो अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उनके द्वारा शहर के करीब सोहल सरकारी कार्यालय की चैकिग की गई। 63 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। इनमें 26 कर्मचारी नगर कौंसिल से संबंधित थे। इसके अलावा सीडीपीओ कार्यालय, बागबानी विकास कार्यालय, तहसील भलाई अफसर, सिविल वेटनरी अस्पताल व लेबर इनफोर्समेंट कार्यालय मालेरकोटला के सभी कर्मचारी हाजिर पाए गए, जबकि वाटर सप्लाई व सैनिटेशन विभाग मालेरकोटला, वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी सभी गैर हाजिर थे।

वाटर सप्लाई कार्यालय मालेरकोटला-2 के 5 में से 3 कर्मचारी हाजिर व 2 गैर हाजिर थे। नगर कौंसिल मालेरकोटला के कार्यालय में 7 कर्मचारी मौजूद थे, जबकि बाकी 26 कर्मचारी गैर हाजिर थे। ब्लॉक विकास व पंचायत अफसर मालेरकोटला-1 के 9 कर्मचारी मौजूद, जबकि मालेरकोटला-2 कार्यालय के 11 सरकारी मुलाजिम गैर हाजिर पाए गए। मार्केट कमेटी कार्यालय के सभी 12 कर्मचारी हाजिर थे। सिविल अस्पताल मालेरकोटला में 9 मुलाजिम गैर हाजिर थे, आबकारी व कर विभाग मालेरकोटला में 7 कर्मचारी, फूड सप्लाई कार्यालय में 5, जिला उद्योग केंद्र मालेरकोटला में 1, कार्यालय सहायक रजिस्टर सहकारी सभा में 2 सरकारी बाबू गैरहाजिर पाए गए।

डीसी अमृत कौर ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अफसरों व कर्मचारियों की गैर हाजिरी से लोगों को परेशानी होती है। गैरहाजिर हुए अफसरों को चेतावनी दी है कि यदि आगे से ड्यूटी पर तैनात न पाए गए, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सिविल अस्पताल मालेरकोटला के एसएमओ डा. मोहम्मद अख्तर को शहर में फूड सेफ्टी संबंधी व ड्रग इंस्पेक्टर को नशे की रोकथाम हेतु अपने स्तर पर चेकिग करने के निर्देश दिए।

Edited By: Jagran