खनौरी बॉर्डर पर डटे किसान, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ आर-पार की जंग; दिल्ली कूच की इजाजत की मांग
किसान खनौरी बॉर्डर पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील और अन्य मांगों को लेकर डटे हुए हैं, दिल्ली जाने की अनुमति मांग रहे हैं।
HighLights
किसान खनौरी बॉर्डर पर दिल्ली कूच की अनुमति मांग रहे हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील और अन्य मांगों को लेकर विरोध जारी।
आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में अगली रणनीति तय होगी।
जागरण संवाददाता, खनौरी/संगरूर। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध और नौ अन्य किसानी मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए घरों से निकले किसान मंगलवार को लगातार तीसरे दिन खनौरी के दाता सिंह वाला बार्डर पर डटे रहे।
किसानों ने बॉर्डर से करीब 250 मीटर दूर टेंट लगाकर एक बार फिर मोर्चा शुरू कर दिया है। किसान पैदल दिल्ली जाने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, केंद्र सरकार से किसान आंदोलन-2.0 की अधूरी मांगों को लेकर दोबारा बातचीत शुरू करने की अपील की जा रही है।
फिलहाल खनौरी बार्डर पर किसानों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन पंजाब, हरियाणा सहित अन्य विभिन्न इलाकों से किसान पहुंच रहे हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि खनौरी में स्थायी मोर्चा लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। हालांकि, यदि दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिलती है तो किसानों के 29 अगस्त तक खनौरी बार्डर पर डटे रहने की संभावना जताई जा रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक पर नजर
इसी बीच मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर फैसला और घोषणा किए जाने की संभावना है। किसानों की ओर से आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की तैयारी भी की जा रही है।
डल्लेवाल ने सोमवार रात घोषणा की कि 20 अगस्त को देशभर के सभी जिलों के बाजारों में रोष मार्च निकाले जाएंगे। इस दौरान किसान उपायुक्तों (डीसी) को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे और केंद्र सरकार के पुतले फूंके जाएंगे।
इसके अलावा 29 अगस्त तक देश के सभी राज्यों में तीन-तीन चार-चार किसान महापंचायतें आयोजित करने का आह्वान भी किया गया है। किसानों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों पर केंद्र सरकार को गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए। खनौरी बॉर्डर पर किसानों का रुख फिलहाल शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ नजर आ रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा मंगलवार की बैठक में तय होने की उम्मीद है।
