जागरण संवाददाता, होशियारपुर

हाईटेक स्वास्थ्य सेवाएं देने का राग अलापने वाली राज्य सरकार के दावों की पोल स्वास्थ्य विभाग में खाली पोस्टें ही खोल देती हैं। विभाग में बहुत से महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। इससे विभाग में समय पर काम नहीं हो पाता और लोग भी परेशान होते हैं। इसके अलावा साथी मुलाजिमों पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। क्योंकि, रिटायरमेंट होने के बाद सरकार द्वारा नई नियुक्तियां करना मुनासिब नहीं समझा जाता। पड़ताल करने पर मालूम पड़ा है कि विभाग में स्वीकृत पोस्टें भी कई साल पहले की हैं। आबादी बढ़ने के साथ विभाग में काम भी बढ़ा है, लेकिन समय के हिसाब से स्वीकृत पद में भी इजाफा नहीं किया गया और पुरानी पद भी रिक्त पड़े हैं। हालात यह हैं कि हर साल रिटायरमेंट होने से पोस्टें खाली हो जाती हैं।

काम के बोझ में दबे कर्मचारी

खाली पोस्टों के सहारे चलने वाले इस स्वास्थ्य विभाग में जहां काम करने वाले मुलाजिम परेशान हो रहे हैं क्योंकि उन्हें एक साथ कई कई सीटों का काम संभालना पड़ता है, वहीं आमजन भी दिक्कत में है। चाहे सुविधा केंद्रों के कारण काम बंटा है, लेकिन फिर भी जो काम अंदर से होना है वहां पर यदि मुलाजिम नहीं होगा तो काम करेगा कौन। यह कहना गलत नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे चल रहा है। वहीं सरकार का हर दो चार माह के बाद दावा होता है कि जल्द ही इन पोस्टों को भरा जाएगा, लेकिन भरने के बजाय रिटायरमेंट के बाद पद और खाली हो जाती हैं। (बाक्स)

स्वीकृति, भरी और खाली पोस्टों का ब्योरा पद स्वीकृति, भरे पद, खाली पोस्टें -नर्सिंग स्टाफ 22 14 08 -स्टाफ नर्स 234 185 49 -फार्मेसी अफसर 85 69 16 -सीनियर फार्मेसी अफसर 13 06 07 -चीफ फार्मेसी अफसर 02 00 02 -एलएचवी 57 57 00 -एएनएम 261 166 95 -ड्राइवर 33 16 17 -क्लर्क 56 28 28 -सीनियर सहायक 16 13 03 -सहायक मलेरिया अफसर 04 03 01 -मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर 10 09 01 -मल्टीपर्पस हेल्थ सुपरवाइजर 05 05 00 -फील्ड स्टाफ एंटी लारवा 30 03 27 -स्वास्थ्य सहायक 15 03 12 - स्पेशलिस्ट - 107 - 88 -19 - मेडिकल डाक्टर - 118 - 93 - 25

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