संवाद सहयोगी, संगरूर : गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब के बुलावे पर राज्य भर के अध्यापकों ने परिवार सहित घरों की समक्ष पर खड़े होकर काले झंडे लहराते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर जिला प्रधान हरजीत ¨सह गलवटी, बल¨वदर भूकल, सतवंत ¨सह, फकीर ¨सह, देवी दियाल आदि ने कहा कि पंजाब सरकार कोरोना की आड़ में अध्यापकों की मांगे अनदेखा कर रही है। संघर्षो को दबाने के लिए अत्याचार किए जा रहे हैं। सरकार पटियाला संघर्ष के दौरान हुए समझौतों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की मुख्य मांगे समाप्त की गई पोस्टों को दोबारा बहाल करवाना, नई भर्ती नीति के तहत अध्यपकों, मुलाजिमों के लिए लागू किए जा रहे केंद्रीय वेतन स्केल को रद करवाना, डीए की किस्तें, पे कमिशन की रिपोर्ट, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करवाने, मोबाइल भत्ते में कटौती वापस लेने, नई शिक्षा नीति को रद करवाना, दूरी के तबादले को रोकना, शिक्षा व स्टेट जीडीपी का छह प्रतिशत खर्च व काम स्कूल सिस्टम लागू करवाने के लिए यूनियन संघर्ष कर रही है। जिसे हासिल करने तक जारी रखा जाएगा।

इस अवसर पर पंजाब सर्बाडिनेट सर्विसेज फैडरेशन के जिला प्रधान सुखदेव संह चंगालीवाला व चेयरमैन माल¨वदर ¨सह ने कहा कि अगर यूनियन की मांगों को लागू न किया तो संघर्ष ओर तेज किया जाएगा।

इस मौके पर होशियार ¨सह, करनैल ¨सह, हरीश कुमार, गुरजंट ¨सह, बगा ¨सह, बारा ¨सह, बूटा ¨सह, संदीप ¨सह, ¨बदरपाल, अदीश कुमार आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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