जागरण संवाददाता, संगरूर

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां जिला संगरूर द्वारा प्रधान अमरीक सिंह गंढूआ व महासचिव दरबारा सिंह छाजला की अगुआई में डीसी कार्यालय संगरूर के समक्ष लगाया धरना 13वें दिन भी जारी है। नववर्ष के पहले दिन किसानों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

उन्होंने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण उन्हें नया वर्ष सड़कों पर मनाने को मजबूर होना पड़ा है। मुख्यमंत्री से तीन जनवरी को दोबारा बैठक तय हुई है, अगर इस बैठक में किसानों की मांगों को पूरा न किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य नेता जगतार सिंह कालाझाड़ ने कहा कि पंजाब सरकार का गुलाबी सुंडी से नरमे के हुए नुकसान का 17 हजार रुपये मुआवजा व मजदूरों को 10 प्रतिशत हिस्सा केवल एलान बनकर रह गया। ढाई एकड़ वाले किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं दिया गया। नेताओं ने बताया कि 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब आने पर विरोध किया जाएगा। इससे पहले तीन व चार जनवरी को गांव में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे। 5 जनवरी को संगरूर में बड़ा इकट्ठ कर प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों ने एलान किया कि जब तक मांगों पर कोई ठोस जवाबदेही नहीं होती, तब तक धरना जारी रखा जाएगा। इस मौके जरनैल सिंह, गमदूर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरविदर सिंह, मोती सिंह, लाल सिंह, हरी सिंह, महिदर सिंह, मोहकम सिंह, अजैब सिंह, गुरजंट सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

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