जेएनएन, धूरी (संगरूर)। धूरी शुगर मिल की तरफ गन्ना काश्तकारों के बकाया 75 करोड़ रुपये की अदायगी के लिए एसडीएम दफ्तर का सोमवार को किसानों द्वारा घेराव करने के कारण एसडीएम व तहसीलदार धूरी सहित 10 से अधिक मुलाजिम मंगलवार सायं तक 30 घंटे दफ्तर में बंधक बने रहे। इस दौरान किसानों ने न तो उन्हें दफ्तर से बाहर निकलने दिया और न ही रात को घर जाने दिया गया। ऐसे में रात को दफ्तर के बंद कमरों में ही मुलाजिम कुर्सियों पर नींद की झपकियां लेते रहे।

कर्मचारियों को पेटभर खाना भी नहीं मिला। इससे जहां मुलाजिम दफ्तर में बेहाल होते रहे, वहीं उनके परिवार घर पर उनके आने का इंतजार करते रहे। परिजन मुलाजिमों को बार-बार फोन कर घर आने के लिए पूछते रहे, लेकिन एक-एक घंटा करते-करते सुबह हो गई, लेकिन मुलाजिमों को घर जाने का मौका नहीं मिल पाया।

उधर, संघर्षरत किसान भी रातभर एसडीएम दफ्तर के बाहर बैठे रहे ताकि कोई भी अफसर या मुलाजिम बाहर न निकल पाए। एसडीएम दफ्तर की छत पर पेट्रोल व सल्फास की गोलियां लेकर चढ़े चार किसान नेता एलान करते रहे कि अगर प्रशासन ने धरने को हटाने के लिए कोई सख्त कदम उठाया तो वो छत पर ही आत्मदाह कर लेंगे। ऐसे में प्रशासन भी कोई सख्त कदम उठाने से गुरेज करता रहा।

मंगलवार को एडीसी सुभाष चंद्र ने एसडीएम पवित्र सिंह की मौजूदगी में किसानों को बकाया की अदायगी का आश्वासन दिया गया। इस आश्वासन के बाद किसान एसडीएम दफ्तर की छत से नीचे उतरे। इसके बाद एडीसी ने धूरी-संगरूर मेन रोड पर शुगर मिल के समक्ष 20 दिन से मरणव्रत पर बैठे शिंगारा ंिसंह को जूस पिलाकर उनका मरणव्रत समाप्त करवाया। साथ ही भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल का मरणव्रत समाप्त हो गया। धरना समाप्ति के बाद ही मुलाजिमों को दफ्तर से रिहाई मिली।

इस तरह होगी गन्ना काश्तकारों को बकाये की अदायगी

एडीसी सुभाष चंद्र ने किसान नेताओं से हुई बैठक में लिए फैसले के बारे में किसानों को बताया कि पंजाब सरकार द्वारा जारी किए रुपये में 10 करोड़ 42 लाख रुपये बुधवार को बैंक के माध्यम से किसानों के खातों में डाले जाएंगे। दो अप्रैल को 12 करोड़ 60 लाख रुपये व दो अप्रैल के बाद 35 लाख रुपये रोजाना व 15 अप्रैल को 25 करोड़ रुपये, उसके बाद 40 लाख रुपये रोजाना गन्ना काश्तकार किसानों के खाते में डाले जाएंगे।

किसान नेता बोले, वादाखिलाफी की तो कड़ा संघर्ष करेंगे

इसके बाद भाकियू उगराहां के नेता मनजीत सिंह घराचों, हरबंस सिंह लड्डा, माणक सिंह, मनजीत सिंह, शुगर कैन सोसायटी के पूर्व चेयरमैन अवतार सिंह तारी, गन्ना संघर्ष कमेटी के हरिंदर सिंह ने धरना समाप्त कर दिया। साथ ही सोमवार को सल्फास व पेट्रोल लेकर एसडीएम दफ्तर की इमारत पर चढ़े चारों किसान भी नीचे आ गए। किसान नेताओं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन अपनी तरफ से दिए विश्वास को निभाएगा। अगर प्रशासन ने वादाखिलाफी की तो किसान कड़ा संघर्ष करेंगे।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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