जागरण टीम, संगरूर :

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां द्वारा कोरोना महामारी की रोकथाम में नाकाम रही केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया गया। वहीं ब्लॉक नेता गुरमेल सिंह कैंपर व जिला नेता बलवीर सिंह कौहरियां के नेतृत्व में स्थानीय अनाज मंडी में प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री अमरिदर सिंह के पुतले फूंककर नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि महामारी को रोकने के लिए सरकार ने समय पर ठोस कदम नहीं उठाए हैं। जब बीमारी हलके स्तर पर थी तो लोगों को दो-दो महीने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। अब जब उच्च स्तर पर बीमारी ने पैर पसारने शुरु कर दिए हैं, तब लोगों को खुला छोड़ दिया है। लॉकडाउन दौरान कहीं भी कोई सुरक्षा प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मरीजों को घर भेजकर मरने के लिए छोड़ दिया है। ऐसे में उसके पारिवारिक सदस्य भी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने मांग की कि निजी अस्पतालों को सरकार अपने कब्जे में लेकर लोगों की प्रत्येक बीमारी का इलाज फ्री किया जाए, ठेके पर भर्ती किए अस्पताल स्टाफ व अन्य संस्थाओं के कच्चे मुलाजिमों केा पक्का किया जाए।

उधर, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में गांव छाजली की अनाज मंडी में बड़ी संख्या में इक्ट्ठा हुए किसानों ने केंद्र व पंजाब सरकार की अर्थी फूंककर जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला प्रधान अमरीक सिंह गंढूआ, ब्लॉक सुनाम के प्रधान जसवंत सिंह तोलेवाल व किसान नेता रामशरण सिंह ने कहा कि महामारी के चलते सरकार लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। कोरोना पीड़ित मरीजों को अस्पताल से घर भेजा जा रहा है, जिससे उक्त परिवारों को भी खतरा हो सकता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि सेहत कर्मचारी, आशा वर्करों व अन्य कोरोना से लड़ रहे कर्मचारियों का बीमा पचास लाख रुपये किया जाए। महामारी से किसानों व छोटे दुकानदारों के हुए नुकसान की भरपाई जल्द की जाए। जरूरतमंद लोगों का इलाज फ्री किया जाए। किसानों व मजदूरों का पूरा कर्ज माफ किया जाए। इस मौके गुरभगत सिंह, सुखपाल सिंह, गोबिद सिंह, बावा सिंह आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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