जेएनएन, भवानीगढ़ (संगरूर) :

पराली के प्रबंधन व छोटे किसानों को फसलों की बुआई के लिए मशीनरी देने का वादा पूरा न करने के रोष में किसानों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरमीत सिंह कपियाल व ब्लॉक प्रधान दरबारा सिंह नागरा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों को पराली के निपटारे के लिए किसी भी प्रकार की मदद न देने के कारण पराली को जलाना उनकी मजबूरी बन जाती है। पंजाब सरकार द्वारा पराली न जलाने संबंधी किसानों को जागरूक करने के लिए विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहें हैं, लेकिन पराली प्रबंधन का कोई ठोस हल नहीं निकाला जा रहा है। मजबूरी में पराली जलाने वाले किसानों पर केस कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पर्यावरण के प्रति पूरी तरह से गंभीर है तो पराली के प्रबंधन के लिए 200 रुपये प्रति क्विटल बोनस दिया जाए, ताकि किसान पराली को समय पर संभाल सकें। इसके अलावा पंजाब सरकार ने छोटे किसानों को फसल बुआई के लिए मशीनरी देने का वायदा किया था, जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया है। इस कारण किसानों में रोष पाया जा रहा है। किसानों ने खरीद केंद्रों में सफाई, पीने वाले पानी का प्रबंध व धान तोल वाले कांटे की किसान नेताओं की मौजूदगी में जांच करने की मांग की। मौके पर मलविदर सिंह, मेजर सिंह, सुखदेव सिंह के अलावा गांव के किसान उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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