संवाद सूत्र, लहरागागा (संगरूर)

खेती ट्यूबवेलों के लिए आठ घंटे लगातार बिजली सप्लाई देने की मांग को लेकर भाकियू एकता उगराहां की अगुवाई में एक्सईएन कार्यालय लहरागागा के समक्ष लगाया धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।

धरने में विशेष तौर पहुंचे भाकियू के ब्लाक लहरा के कार्यकारी प्रधान राम सिंह ढींडसा ने राज्य सरकार की कारगुजारी पर जमकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को पटियाला में बिजली बोर्ड के चीफ इंजीनियर संदीप शर्मा ने यूनियन को छह घंटे रोजाना सप्लाई देने का वादा किया था, लेकिन खेतों को तीन घंटे से भी कम बिजली मिल रही है, जिससे धान को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के हालात यह हैं कि वह कभी अपने कहने को करने में विश्वास नहीं रखती। किसान पहले ही कर्जे की मार झेल रहा है और आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। सरकार किसानों की समस्याओं पर सिर्फ राजनीति करती है, उन्हें हल करने की तरफ कभी ध्यान नहीं देती। उन्होंने कहा कि जब तक खेतों के लिए आठ घंटे बिजली का वायदा पूरा नहीं होता तब तक प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेंगे।

किसान नेता जगतार सिंह ने कहा कि बिजली की बदहाल सप्लाई की वजह से फसलों का नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। वह एक आम किसान है और थोड़ी सी जमीन है और उस जमीन में भी फसल अच्छी न हुई, तो वह अपना जीवन कैसे बसर करेगा। चुनावों के दौरान सरकार बड़े बड़े वादे करती है, लेकिन अभी तक सरकार ने जनता के साथ किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया है, जिस वजह से आज हर वर्ग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर चुका है। दर्शन सिंह, मास्टर गुरचरण सिंह, भोला सिंह, राम सिंह, बलजीत सिंह, हरजिदंर नंगला, गोबिद सिंह, सवराज सिंह, जगदीप सिंह आदि मौजूद थे।

Edited By: Jagran