संवाद सहयोगी, मालेरकोटला (संगरूर) : रमजान के पवित्र माह का चांद दिखाई देने के बाद मुस्लिम भाईचारे का सबसे बड़ा त्योहार ईद उल फितर सोमवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया। ईद की खुशियां बेशक खूब बनाई गई, लेकिन इस बार कोरोना महामारी की वजह से ईद का जश्न फीका पड़ गया। आजादी के बाद पहली बार हुआ है कि सभी ईदगाहें ईद की नमाज के वक्त सूनी पड़ी रही हो। लोगों ने इस बार सरकारी हिदायत मुताबिक घरों में रहकर नमाज अदा की। नमाज अदा करते हुए मुस्लिम भाइचारे द्वारा रमजान के महीने के सफलतापूर्वक संपूर्ण होने पर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया गया। वर्ष में केवल ईद-उल अजूहा के मौके पर विशेष नमाज अदा करने के लिए बनाई ईदगाहें महामारी के चलते खाली देखने को मिली। इससे भाईचारे में ईद का चाव तो था, लेकिन वह खुशी, सकून देखने को नहीं मिला, जो ईदगाह में खुलेआम बड़ी संख्या में एक दूसरे से मिलकर नमाज अदा करने से होता था।

प्रशासन द्वारा भारी गिनती में नफरी पुलिस र्ददगाहों के बाहर एहतिहात के तौर पर तैनात की गई थी। गत वर्ष जहां ईद के मौके पर बड़ी ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाईचारे के लोग इक्ट्ठा होते थे और मुबारक देने के लिए पहुंचते प्रवक्ताओं की तकरीर सुनने व शहर के लिए कोई न कोई योजना ईद के मौके पर एलान किया जाता थी, लेकिन इस बार ऐसा न होने के कारण बड़ी ईदगाह को प्रशासन की हिदायत पर प्रबंधकों द्वारा तालाबंदी कर दिया गया था।

लोगों ने इस बार तोहफे व मिठाई बांटने से भी भी गुरेज किया। नमाज दौरान मुस्लिम भाईचारे ने विभिन्न स्थानों पर महामारी से निजात पाने व अमन शांति के लिए दुआ की गई। वहीं गैर मुस्लिम भाईचारे ने भी सोशल मीडिया पर ईद की मुबारकबाद दी गई। पुलिस प्रशासन द्वारा ईदगाह, मस्जिदों, शहर के अहम चौंक व अन्य धार्मिक स्थानों पर सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए। मुफ्ती-ए-आजम इरतका उल हसन कांधलवी ने मुस्लिम भाईचारे को ईद की बधाई देते हुए कहा कि लोगों से पहले ही अपील की जा चुकी थी कि सभी लोग अपने घरों में ही ईद की खास नमाज अदा करें। सभी लोगों ने इसका पालन किया व पूरी गंभीरता से लेते हुए अपने घरों में रहें व भीड़भाड़ इत्यादि करने की बजाए, लोगों को ईद की बधाई दी गई। एसडीएम बिक्रमजीत सिंह पांथे ने कहा कि मुस्लिम भाईचारे ने कोरोना महामारी के मद्देनजर दी गई हिदायतों का गंभीरता से पालन किया। लोगों ने अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा की। भीड़भाड़ का माहौल बनने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसका लोगों ने भरपूर सहयोग दिया।

उधर, धूरी में रमजान के पवित्र महीने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार क्षेत्र के अलग-अलग गांवों और शहर में मुस्लिम भाईचारे की तरफ से धूमधाम से मनाया गया, वहीं कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकार की हिदायतों पर सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते मुस्लिम भाईचारे की तरफ से इकट्ठा होने से गुरेज करते हुए अपने-अपने घरों में नमाज अदा की। इसी दौरान ही मुस्लिम नेता डा. अनवर भसौड़ ने अपने दफ्तर में ईद का त्योहार मनाते हुए अलग-अलग फिरकों के नुमाइंदों के लिए चाय पार्टी की गई। ईद की बधाई देते हुए कहा कि ईद का त्योहार आपसी मोहब्बत व प्यार का संदेश देता है। सभी को अपने -अपने त्योहार सांझे तौर पर मनाने चाहिए। भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के प्रदेश सचिव नरंजण सिंह दोहला ने कहा कि हमें आपसी भाईचारक सांझ मजबूत करने के लिए विभिन्नताओं से ऊपर उठकर एकता का सबूत देना चाहिए। भाकियू लक्खोवाल के जिला प्रैस सचिव जरनैल सिंह जहांगीर ने ईद के त्योहार को आपसी प्यार का त्योहार बताते हुए कहा कि हमें सभी धर्मों की परम्पराओं का ध्यान रखते हुए दूसरों की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए। आम आदमी पार्टी के ब्लाक प्रधान नरेश सिगला ने ईद की बधाई देते हुए कहा कि रमजान का महीना संयम, शक्ति और भक्ति का महीना होता है और हमें सभी धर्मों का सत्कार करते हुए धर्मों के नाम पर फूट डालने वालों से गुरेज करने की जरूरत है।

इस मौके हरप्रीत सिंह गिल, अनिल मित्तल, यशपाल गोयल, प्रीत धूरी, बिजली पेंशनर नेता इन्द्रजीत सिंह, गोबिद आदि भी उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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