जागरण संवाददाता, संगरूर

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुआई में किसानों द्वारा जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स का घेराव मंगलवार को भी दिनभर जारी रहा। किसानों ने जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के तीनों गेटों पर मुकम्मल धरना लगाकर रखा, जिस कारण अधिकारी व मुलाजिम दफ्तरों में दाखिल नहीं हो पाए। किसानों ने धरने दौरान बुधवार को डीसी दफ्तर का घेराव स्थगित करने का एलान करते हुए अनाज मंडी में विशाल इकट्ठ करने का फैसला लिया। अनाज मंडी में किसानों द्वारा बुधवार को रोष रैली करके केंद्र सरकार का पुतला जलाकर पीएम की पंजाब फेरी का विरोध किया जाएगा। दो दिन से जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में दिन भर सन्नाटा बसरा रहा। सुविधा केंद्र व अन्य दफ्तर बंद होने केकारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि धरने कारण कई दिन से लोग कामकाज के लिए दफ्तरों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। सात जनवरी को किसान संगठनों की मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से बैठक होगी, जिसमें मांगों पर सहमति हुई तो किसानों का मोर्चा समाप्त हो सकता है। किसानों ने एलान किया कि यदि सरकार ने मांगों को पूरा न किया तो संघर्ष तेज किया जाएगा।

भाकियू एकता उगराहां द्वारा प्रधान अमरीक सिंह गंढूआ व महासचिव दरबारा सिंह छाजला की अगुवाई में डीसी कार्यालय संगरूर समक्ष लगाया धरना मंगलवार को 16वें दिन जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान अमरीक सिंह व महासचिव दरबार सिंह ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने बहुत सी मांगें मान ली थीं, लेकिन अभी तक एक भी मांग लागू नहीं की गई। बहाने बनाकर समय गुजार रही है। गुलाबी सुंडी से तबाह हुए नरमे व ओलावृष्टि से धान के हुए नुकसान का 17 हजार रुपये मुआवजा व मजदूरों को 10 प्रतिशत हिस्सा केवल एलान बनकर रह गया। ढाई एकड़ वाले किसानों को टयूब्वैल कनेक्शन नहीं दिया गया। पूरे कर्ज माफ करने में आनाकानी की जा रही है। किसानों को गन्ने की 360 रूपये अदायगी नहीं की र्गइ। किसानों ने कहा कि 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब आने पर संगरूर में बड़ा इक्टठ कर प्रदर्शन किया जाएगा। मांग की कि खुदकुशी पीड़ित किसान परिवारों को तीन-तीन लाख रूपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, पांच एकड़ तक मालकी वाले किसानों के लिए एलान की दो लाख रूपये तक की कर्जा माफी बगैर शर्त किसानों को दी जाए, मुलाजिमों को बकाया वेतन दिया जाए। इस मौके सतिदंर सिंह, गुरनाम सिंह, मनजीत घराचों, हरबंस सिंह, जरनैल सिंह, मनजीत सिंह, गुरनाम सिंह आदि मौजूद थे।

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