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डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों का दिल्ली कूच, खनौरी बॉर्डर पर रोका गया जत्था; हरियाणा प्रशासन से बातचीत जारी

Published: Sun, 16 Aug 2026 04:58 PM (IST)

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में किसानों का दिल्ली कूच हरियाणा प्रशासन द्वारा खनौरी बॉर्डर पर रोक दिया गया।

खनौरी बॉर्डर पर रोका गया किसानों का जत्था। फोटो जागरण

खनौरी बॉर्डर पर रोका गया किसानों का जत्था। फोटो जागरण

HighLights

  1. किसानों का दिल्ली कूच खनौरी बॉर्डर पर रोका गया।

  2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान मार्च।

  3. हरियाणा पुलिस ने किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की।

जागरण संवाददाता, संगरूर। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध सहित अन्य किसानी मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में 51 किसानों द्वारा पैदल दिल्ली की तरफ कूच करने का प्रयास हरियाणा प्रशासन द्वारा बॉर्डर सील किए जाने के कारण दोपहर तक असफल रहा।

जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में खनौरी के गुरुद्वारा साहिब से जत्था बॉर्डर की तरफ रवाना हुआ, लेकिन बार्डर से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पांच किसान नेताओं द्वारा हरियाणा प्रशासन के साथ बातचीत की जा रही है।

किसानों का तर्क है कि वह पैदल शांतिमय तरीके से आगे जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा प्रशासन इस पर सहमति अभी तक नहीं दे रही है। इस दौरान एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधि जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों जत्था खनौरी से शुभकरण सिंह की मौत वाली जगह से मिट्टी लेकर चला।

दाता सिंह बॉर्डर सील

हरियाणा पुलिस प्रशासन ने खनौरी का दाता सिंह वाला बॉर्डर एक बार फिर सील कर दिया है। कंक्रीट के बेरिकेड लगाने के साथ ही बड़े-बड़े पत्थर, लोहे के बेरिकेड वेल्डिंग करके रास्ते को पुरी तरह से बंद कर दिया है।

228 किलोमीटर की पूरी यात्रा किसान जत्था पैदल तय करेंगे एवं उनके सहायक के तौर पर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की तरफ से किसान साथ रहेंगे। यात्रा का समापन 29 अगस्त 2026 को जंतर-मंतर पर किसान पंचायत कर के किया जाएगा।

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प्रशासन से किसानों की बातचीत जारी। फोटो जागरण

किसान नेताओं के घर पर छापेमारी

किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण मार्च के बावजूद हरियाणा प्रशासन द्वारा दाता सिंह वाला और खनौरी बॉर्डर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था कर रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा रास्ते रोककर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को बाधित किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस द्वारा ब्लॉक स्तर तक के किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की गई है।

कई किसान साथियों को उनके घरों में ही नजरबंद किए जाने का भी दावा किया गया है। इस तरह की कार्रवाई से किसानों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों की आवाज दबाने की कोशिश

किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते व कॉरपोरेट नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन नीतियों का असर किसानों के हितों पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अपनी मांगों और अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा।