संवाद सहयोगी, संगरूर :

एक महीने से लगातार भूख हडताल पर बैठी आशा वर्कर व फेसलीटेटर यूनियन की सदस्यों ने वीरवार को विपक्ष के नेता एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा को अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। हरपाल सिंह चीमा ने संघर्ष कर रही आशा वर्करों की मांगों को विधानसभा में उठाने का भरोसा दिया तथा धरने पर उनके साथ बैठकर उनकी मांगों की हिमायत की।

यूनियन की प्रधान किरणदीप कौर पंजोला व चरणजीत कौर दुगां ने बताया कि वह पंजाब में काफी लंबे समय से हरियाणा की तर्ज पर सुविधाओं की मांग कर रही हैं। मांगों के पूरा होने तक संघर्ष को जारी रखा जाएगा। संघर्ष के दूसरे पड़ाव के तहत वीरवार को भी पांच सदस्य भूख हड़ताल पर बैठीं। उन्होंने बताया कि महामारी में उनका काटे गए महामारी भत्ते 1500 को दोबारा से बहाल करवाने, आशा वर्करों व फेस्लीटेटर वर्करों को टैबलेट देने, आशा वर्करों को सीएचओ फंड स्कीम प्रत्येक महीने निश्चित तिथी को देने, इसी स्कीम में फेसलीटेटर वर्करों को भी जोड़ने, वैकसीन भत्ते में बढ़ोतरी करने सहित बाकी की रहती मांगों जैसे कि हरियाणा तर्ज पर सुविधाओं के तहत निर्धारित भत्ता व इंसेंटिव देने की मांगों को पूरा करने की अपील की। वर्करों को डेलीवेज का ऐलान करने व डेलीवेज भत्ता देने, आशा वर्करों व फेसलीटेटरों को 15000 निर्धारित वेतन के दायरे में लाने, वर्करों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी करने की मांगे रखी। उन्होंने सेहत विभाग व सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह काम का बायकाट कर देंगी।

इस मौके प्रांतीय प्रधान किरणदीप कौर पंजोला, मनजीत कौर खालसा, राजिदर कौर काकड़ा, गुलजार सिंह बॉबी सहित अन्य वर्कर उपस्थित थे।

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