संवाद सहयोगी, संगरूर : किसानों के प्रदर्शन के दौरान हृदयघात से मरे किसान मेघराज के परिवार को 10 लाख के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य के सरकारी नौकरी व कर्ज माफी की मांग को लेकर मंगलवार को छठे दिन भी जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स का घेराव जारी रखा। किसानों ने संघर्ष को तेज करते हुए डिप्टी कमिश्नर की कोठी के समक्ष धरना लगाकर आवाजाही ठप की गई। किसानों ने ऐलान किया कि बुधवार से डीसी की कोठी का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा। किसानों का कहना है कि डीसी घर बैठककर काम कर रहे हैं, अब घेराव किया जाएगा।

शुक्रवार से जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के 22 विभागों जिसमें सेवा केंद्र, फर्द केंद्र, तहसील दफ्तर, आरटीए दफ्तर का कामकाज ठप है। मंगलवार को भी मुलाजिम अपनी ड्यूटी देने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर दाखिल नहीं होने दिया गया। इन दफ्तरों का काम रहा बंद

उल्लेखनीय है कि फूड सप्लाई का कार्यालय, नगर योजना का कार्यालय, लेबर कार्यालय, इलेक्शन कार्यालय, सीडीपीओ कार्यालय, डीएसपी कार्यालय, सीआईडी कार्यालय, पीडब्लयूडी कार्यालय,सीएमओ कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसीलदार दफ्तर, खजाना दफ्तर, डीपीआरओ दफ्तर, लघू पोस्ट आफिस, फर्द केंद्र, सेवा केंद्र, रोजगार कार्यालय, आरटीओ कार्यालय, एफबीआई कार्यालय, सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, जिला प्रोग्राम कार्यालय, भाषा विभाग का दफ्तर हैं। इन सभी विभागों में 450 के करीब पक्के व ठेके पर मुलाजिम कार्य करते हैं। बता दें कि जहां इन दफ्तरों में आए लोग बाहर से लौट रहे हैं, वहीं मुलाजिम भी काफी परेशान हैं और घंटों तक प्रबंधकीय परिसर के बाहर बैठकर ही लौट जाते हैं।

मुलाजिमों पर बढ़ेगा काम का बोझ

डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन के कार्यकर्ता प्रभजोत सिंह, बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि धरने के कारण उन्हें भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महीने के अंतिम दिनों में वेतन के बिल बनाने होते हैं, लेकिन धरने के कारण अब उनका बोझ और बढ़ गया है। धरना समाप्त होने के दो सप्ताह तक दफ्तरी कामकाज प्रभावित रहेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा यूनियन की अगुआई में वह डीसी रामवीर को मिलकर डीसी दफ्तर को जाने के लिए एक रास्ता खुलवाने सबंधी बात करेंगे।

बुजुर्ग महिला छह दिन से काट रही दफ्तर के चक्कर

पेंशन सबंधी कार्य करवाने डीसी कार्यालय आई चरणजीत कौर ने कहा कि दफ्तर बंद होने के कारण वह निराश लौट रही है। अब उसका काम पता नहीं कब होगा। वह पिछले वीरवार से लगातार दफ्तर के चक्कर काट रही है लेकिन उनका काम नहीं हो पाया है।

फर्द केंद्र तक भी नहीं पहुंच पाया : रणजीत सिंह

फर्द केंद्र से फर्द निकलवाने रणजीत सिंह ने बताया कि वह छह किलोमीटर गांव भलवान से फर्द निकलवाने आया था, मगर किसानों के धरने के कारण उसे निराश लौटना पड़ा। वह बीमार है। समय निकालकर वह डीसी दफ्तर आया था, लेकिन धरने के कारण वह दफ्तर तक भी नहीं पहुंच पाया। दिव्यांग लोग भी काट रहे हैं दफ्तर के चक्कर

सुरजीत सिंह ने कहा कि वह खजाना दफ्तर में काम से आया था। बलवीर कौर ने कहा कि उसकी बेटी का सीएमओ कार्यालय में विकलांगता का प्रमाण पत्र बनवाना था, मगर नहीं बन पाया। तलविदर ने कहा कि उसे आरटीओ दफ्तर में चालान का भुगतान करना था। चार दिन से कोई काम हो पाया है। उधर, डीसी कार्यालय के सामने दुकान करने वाले रोमी, रमन, चंचल, दीप करियाना स्टोर, बिट्टू टेलर, बलवीर ने कहा कि धरने के कारण उनका कामकाज कई दिनों से ठप्प है।

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