संवाद सूत्र धनौला, बरनाला : पराली को आग लगाए बगैर गेहूं की 32 एकड़ बिजाई कर रहे सेवानिवृत्त अध्यापक चरनजीत ¨सह चहल ने बताया कि उन्होंने पराली को बिना आग लगाए हैपी सीडर गेहूं की बिजाई की। उन्होंने बताया कि अगर पराली को आग नहीं लगाई जाए व हैपी सीडर के साथ गेहूं की बिजाई की जाए तो 85 प्रतिशत पोटाश रह जाता है व किसान का तीन एकड़ के पीछे डीएपी व यूरिया के एक-एक बैग की बचत होती है।

इस अवसर पर इंस्पेक्टर योगराज ¨सह, इंस्पेक्टर दविन्दर ¨सह, एडीओ अमृत पाल ¨सह व जसवंत ¨सह सिद्धू ने बताया कि पराली को आग लगाने से जमीन के मित्र कीड़े व जरूरी तत्व खत्म जाते हैं। चरनजीत ¨सह चहल ने बताया कि वह अपनी 20 एकड़ के करीब अपनी जमीन में धान की कटाई करने के बाद पराली को बिना आग लगाए हैपी सीडर के साथ गेहूं की बिजाई कर रहा है। जिस कारण उसके भाई भी 32 एकड़ के करीब इस तरह बिजाई कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि सभी किसान पर्यावरण को शुद्ध करने व लोगों को सेहत की तंदरुस्ती को ध्यान में रखते हुए पराली को बिना आग लगाए गेहूं की बिजाई करें।

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