सचिन धनजस/टिका आनंद, सुनाम ऊधम सिंहवाला (संगरूर) : मुद्दा विपक्ष उठाए तो ठीक लगता है, लेकिन अगर मुद्दा खुद सत्तापक्ष अपने ऊपर उठाए, तो आपको कैसा लगेगा। बिल्कुल सही, बुधवार को कांग्रेस हलका प्रभारी दामन थिद बाजवा व हरमनदेव बाजवा ने न केवल एक गंभीर राजनीतिक मुद्दा उठाया, बल्कि सुनाम शहर निवासियों को करीब 100 करोड़ रुपये गिफ्ट के रूप में भी सौंपे।

दरअसल, सुनाम क्षेत्र में नगर कौंसिल की करीब 1307 कनाल जमीन पर अलग-अलग लोगों ने कब्जा किया हुआ था। राजनीतिक डर की वजह से किसी भी राजनेता ने छुड़वाने का प्रयास नहीं किया। जैसे ही उक्त मामला बाजवा दंपती के ध्यान में आया तो उन्होंने इस पर काम शुरू किया। आखिरकार उन्होंने जगहों की पहचान की और करीब 168 एकड़ जमीन की शिनाख्त कर खाली करवाने का प्रयास शुरू कर दिया है, जिसकी करीब-करीब कीमत 100 करोड़ रुपये बनती है। बाजवा दंपती के प्रयास से आज उक्त जमीन की मलकीयत नगर कौंसिल सुनाम के नाम दर्ज हो गई।

सुनाम के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में बाजवा दंपती ने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने सुनाम शहर की सरकारी जमीन को निजी हाथों से छुड़वाने का बीड़ा उठाया था, उसमें सफलता हासिल हो चुकी है। सुनाम शहर में लगभग 1307 कनाल जमीन म्यूनिसिपल कमेटी के दायरे में आ चुकी है और इसे जनता के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

दामन बाजवा ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह, सीएमओ दफ्तर, डीसी संगरूर, एसडीएम सुनाम, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने निजी ध्यान देकर इस लड़ाई में उनका साथ दिया है।

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क्या है उनका सपना

करीब 168 एकड़ जमीन नगर कौंसिल को मिल गई है, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि सुनाम को बेहतर बनाया जाए, जिसके लिए जमीन वाली लड़ाई उन्होंने जीत ली है और अब उक्त जमीन पर जनता की भलाई के लिए कुछ करने का इरादा है। उक्त जमीन पर जनता क्या चाहती है, इसके लिए जनता की राय भी ली जाएगी। उनकी प्रपोजल है कि जमीन को लोगों की भलाई के लिए मल्टीस्पैशलिटी अस्पताल, पुलिस स्टेशन या फिर मौजूदा हालातों को देखते हुए आक्सीजन प्लांट लगाने इत्यादि के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Edited By: Jagran