अजय अग्निहोत्री, रूपनगर। कीरतपुर साहिब हाईवे पर ट्रैफिक नियमों को लेकर कोई संजीदगी नहीं है। हिमाचल आने जाने वाला भारी ट्रैफिक रात के समय ही चलता है। हालात ये हैं कि यहां कोई भी गंभीर हादसा होने पर न तो तुरंत एंबुलेंस की सुविधा मुहैया हो सकती है, न ही रात को पैट्रोलिंग पार्टियां इतनी सरगर्म रहती हैं कि हाइवे पर बेवजह रुकने वाले ट्रकों, ट्रालों और बसों को तुरंत हटाकर नेशनल हाइवे पर कोई रुकावट न पड़े।

मंगलवार रात दैनिक जागरण की टीम को हालात देखकर स्पष्ट हुआ कि ढाबों पर हिमाचल आने जाने वाले वाहनों का तांता लगा रहता है। भारी वाहनों का सबसे ज्यादा आवागमन रहता है और हिमाचल आने जाने वाली बसों की भी खूब रौनक रहती है।

मंगलवार रात 10.28 बजे मलिकपुर के फ्लाईओवर के निकट एक ट्रक खराब खड़ा था। ट्रक की न तो पार्किंग लाइट जग रही थी न ही ट्रक के आगे पीछे कोई चेतावनी बोर्ड रखा गया था, जबकि मलिकपुर के पास ही हाइवे की रिपेयर चल रही है और एक पुल का निर्माण भी हो रहा है। इससे आगे एचपी पेट्रोल पंप से पहले हाइवे के बिलकुल साथ हिमाचल नंबर के दो ट्रक पार्क किए हुए थे।

रात में रूपनगर-कीरतपुर हाईवे पर बेतरतीब खड़े किए गए ट्रक।

रात 10.31 बजे

हाईवे के किनारे बरमों पर दुग्गरी गांव के पास दर्जनों ट्रक और टिप्पर खड़े थे। एक टिप्पर ट्रैफिक नियमों को ताक रखकर हाइवे पर ही खड़ा कर दिया गया था।

रात 10.54 बजे

मंगूवाल दिवाड़ी गांव के पास विरसा फूड कोर्ट के बाहर उतराई पर पाइपों से लदा ट्रक हाइवे पर ही खड़ा था। उसके पास उसके चालक व क्लीनर भी थे, लेकिन हाईवे पर बिना वजह रुकने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। पूछने पर उन्होंने जवाब नहीं दिया।

रात 10.58 बजे

बड़ा पिंड के पास हाइवे के बरम पर दो टिप्पर पार्क किए हुए थे, लेकिन इनके पास कोई नहीं था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हाईवे किनारे इस तरह टिप्पर खड़े राहगीरों को किस तरह खतरे में डाला जा रहा है। हाल एक जगह नहीं दर्जनों जगह पर था। अधिकतर ढाबों के पास ऐसी ही स्थिति थी।

हाईवे किनारे पार्क हेवी ट्रेलर।

रात 10.43 बजे

भरतगढ़ के समीप ही हाइवे पर एका एक ट्रकों की लाइन दिखाई दी तो जागरण टीम ने रुककर देखा, तो ढाबों के पास एक बोर्ड लगा था ठेका शराब देसी। यानी कि कई टिप्पर चालक रात के समय शराब पीने के लिए इन ढाबों पर रुकते हैं। एक ट्रक में से उतरा क्लीनर शराब के ठेके से बोतल खरीदने के पास ढाबे की तरफ बढ़ रहा था लेकिन जागरण टीम के हाथों में कैमरे देखकर वहां से खिसक लिया। आगे भरतगढ़ के पास टैंकीनुमा ट्राला मेन हाईवे के साथ सर्विस लाइन से पहले पार्क किया हुआ था।

रात 11.16 बजे

हाईवे पर आगे चलने पर भरतगढ़ से पहले एक गांव के बस स्टाप के पास हाइवे के साथ ट्रक खड़ा था। यहां हाईवे के ऊपर या हाईवे के साथ बरम की जगह पर टिप्पर पार्क करने का चलन बढ़ता जा रहा था। हाईवे के साथ साथ बसे गांवों के रहने वाले लोग ट्रक चालक की नौकरी करते हैं या फिर अपने टिप्पर चलाते हैं। वो पर्याप्त पार्किंग की कमी के बीच इस तरह रात के समय अपने टिप्पर व ट्राले पार्क करते हैं।

रात 11.21 बजे

हाईवे पर कीरतपुर साहिब से हिमाचल की तरफ आने जाने वाले ट्रैफिक के लिए जितनी चौड़ी सड़कें बनाई गई हैं, उसका उतना ही ट्रक चालक दुरुपयोग कर रहे हैं। यहां किसी भी समय कोई अनहोनी घट सकती है। हाईवे के ऊपर ही एक साथ तीन ट्रक पार्क थे। एक ट्रक के बीच तो चालक भी आराम फरमा रहा था। हाईवे का ये भाग सबसे ज्यादा व्यस्त रहता है, क्योंकि यहां से हिमाचल का ट्रैफिक पंजाब में दाखिल होता है और यहीं ढाबे भी हैं जहां अधिकतर ट्रक चालक ब्रेक लगाते हैं और ढाबों पर खाना खाते हैं।

रात 11.23 बजे

कीरतपुर साहिब से जैसे ही आगे हाईवे पर बढ़े तो देखकर हैरान हो गए कि पुल के साथ दिए सर्विस रोड के बीचोंबीच एक ट्रक पार्क था। इस ट्रक को किसी तरह ट्रक ने पास किया। सर्विस रोड पर दरगाह साईं बाबा बुड्ढण शाह जी और बाबा गुरदित्ता जी जाने के लिए दिशा सूचक लगा है।

रात 11.34 बजे

हिमाचल से कीरतपुर साहिब के जरिये दाखिल होकर पंजाब में आने वाले हाईवे पर ढाबों के बाहर ट्रकों और गाड़ियों की खूब भीड़ देखने को मिली। बरम पर खड़े ट्रकों के साथ अन्य ट्रक हाइवे के बीच तक पार्क कर दिए गए थे।

रात 11.41 बजे

बूंगा साहिब से नूरपुरबेदी की तरफ जाने वाली सड़क पर बेरिकेड लगे हुए थे। यही नहीं, यहां रोशनी की भी कमी थी। ऐसे में रात के समय कोई भी नया आने वाला वाहन चालक इन बेरिकेड की वजह से दुर्घटना का शिकार हो सकता है।

Edited By: Pankaj Dwivedi

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