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'इतने बड़े नेता हैं तो 2-2 सीटों से क्यों हारे चुनाव?', अब दुल्लों ने चन्नी को घेरा; 3 महीने के कार्यकाल की दिलाई याद

Published: Fri, 04 Sep 2026 08:21 AM (GMT+05:30)

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष शमशेर सिंह दूल्लों ने चरणजीत सिंह चन्नी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए, कहा कि पार्टी किसी ...और पढ़ें

शमशेर सिंह दुल्लों का चरणजीत पर हमला। फाइल फोटो

शमशेर सिंह दुल्लों का चरणजीत पर हमला। फाइल फोटो

HighLights

  1. दूल्लों ने चन्नी की नेतृत्व क्षमता पर उठाए गंभीर सवाल।

  2. कहा, पार्टी किसी भी नेता से बहुत बड़ी होती है।

  3. स्थानीय नेताओं को टिकट देने की वकालत की।

जागरण संवाददाता, रूपनगर। किसी भी नेता से पार्टी बहुत बड़ी होती है। यदि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इतने ही बड़े नेता हैं , तो एक ही विधानसभा चुनाव में दो-दो विधानसभा सीटों से क्यों हार गए। कांग्रेस में चन्नी और उनके समर्थकों द्वारा अपना वर्चस्व साबित करने की हाल ही में की गई कोशिशों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में यह कहना था कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह दुल्लों का।

उन्होंने इस दौरान कांग्रेस नेता व सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज की गई एफआइआर को राजनीति से प्रेरित बताने और इसे रद करने की मांग की। मामले में पार्टी का स्टैंड स्पष्ट करने को प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता करने पहुंचे दुल्लों ने प्रदेश कांग्रेस में उजागर हुई गुटबाजी पर बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। दुल्लों ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी छोड़कर गए तो आज उनकी क्या स्थिति है, किसी से छिपी नहीं है। पार्टी किसी भी नेता से बहुत बड़ी होती है।

पार्टी के निर्देशों-आदेशों का पालन करना ही होगा

वहीं, लोकसभा चुनाव में चन्नी की जीत के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहना था कि प्रदेश में एंटी मोदी लहर थी। लोगों में किसान आंदोलन का गुस्सा था। इसके चलते चन्नी की जीत हुई थी। उन्होंने साफ किया कि जल्द ही राहुल गांधी प्रदेश दौर नी पहुंचेंगे और इसके बाद जिसे भी पार्टी में रहता होगा, उसे पार्टी के निर्देशों-आदेशों का पालन करना ही होगा।

कांग्रेस ईकमान अब एक्शन मोड में है। किसी भी नेता को पार्टी के अनुशासन में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए, न कि दूसरे प्लेटफार्मों पर। पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बारे में दूल्लों ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था, जब उन्हें कोई मुख्यमंत्री बनाना नहीं चाहता था। पर यह सोच ठीक नहीं कि मैं ही मुख्यमंत्री बन सकता हूं।

चन्नी के मुख्यमंत्री के रूप में करीब तीन महीने के कार्यकाल को लेकर पूछे गए सवाल पर दूल्लों ने कहा कि उन्होंने उन तीन महीनों में कौन से मुद्दे हल किए, यह बताया जाना चाहिए। यदि उन्होंने सभी समस्याएं हल कर दी होतीं, तो वर्ष 2022 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनती।

स्थानीय नेताओं को मिले टिकट

दूल्लों ने कहा कि यदि कांग्रेस आगामी चुनाव में बाहरी उम्मीदवारों को मैदान में उतारती है , तो पार्टी की स्थिति पहले जैसी ही रहेगी। स्थानीय नेताओं को टिकट दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुराने टकसाली परिवारों ने पार्टी के बुरे समय में भी कांग्रेस का साथ दिया है। ऐसे परिवारों को प्राथमिकता देकर टिकट देने से ही पार्टी को दोबारा सत्ता के करीब लाने का सपना देखा जा सकता है।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह विस्की, अमरजीत सिंह सैनी, अमरजीत सिंह भुल्लर, राजेश्वर लाली, राजेश कुमार, यूथ विंग के उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह, राणा रंगीलपुर, काला पुरखाली, भूपिंदर सिंह सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

रूपनगर फेरी ने छेड़ी नई राजनीतिक चर्चा

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह दूल्लों की प्रेस कान्फ्रेंस ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। दूल्लों की पहचान दलित नेता के तौर पर भी रही है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस की राजनीति में शमशेर सिंह दूल्लों और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच शुरुआत से ही राजनीतिक तालमेल नहीं रहा है। ऐसे में चन्नी के विरोधी धड़े की ओर से दूल्लों को रूपनगर में कान्फ्रेंस का मंच मिलने को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

इससे चन्नी गुट, जिसमें पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों भी शामिल हैं, को उनके ही राजनीतिक क्षेत्र में घेरने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।