जागरण संवाददाता, रूपनगर: कैप्टन अमरिदर सरकार गेहूं के सीजन में प्रबंध करने में बुरी तरह फेल हुई है। पंजाब में गेहूं की खरीद के लिए बारदाने की कमी एक सोची समझी साजिश का नतीजा है। जानबूझकर जूट बैग की खरीद में देरी की गई और कमी की स्थिति पैदा करके इमरजेंसी हालात बनाकर स्थानीय स्तर पर प्लास्टिग बैग खरीदकर बड़ी हेराफेरी की गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अकाली दल बादल के उपाध्यक्ष डा.दलजीत सिंह चीमा ने रूपनगर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह एक घोटाला है और इस घोटाले के लिए मंत्री भारत भूषण आशु को तुरंत ओहदे से बर्खास्त किया जाना चाहिए या फिर आशु खुद ही इस्तीफा दे दें। सरकार इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाए। डा.चीमा ने कहा कि मंत्री आशु ने सिर्फ शुरुआत में ही बारदाने की समय पर खरीद नहीं की, बल्कि बाद में सेकेंड हैंड बारदाना खरीदने में भी नाकाम रहे। अब आढ़तियों को बारदाने की कीमत देने के वादे किए जा रहे हैं, जबकि हकीकत ये है कि पिछले साल के 131 करोड़ रुपये की अदायगी आढ़तियों को होनी अभी बाकी है। डा. चीमा ने कहा कि हरियाणा ने सेकेंड हैंड बारदाने के लिए पहले टेंडर लगाकर बाजी मार ली और पंजाब सरकार ने बाद में टेंडर लगाए हैं। यही नहीं पंजाब में लिफ्टिंग तक सही तरीके से नहीं हो पा रही। किसानों को खरीदी गई गेहूं की अदायगी भी नियमित नहीं हो पा रही। सीधी अदायगी की डीबीटी स्कीम लागू करने के लिए कैप्टन अमरिदर सरकार और केंद्र सरकार ने मिलीभगत कर किसान विरोधी साजिश रची है। पोर्टल भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे।

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