संवाद सहयोगी, रूपनगर :रूपनगर में शनिवार को जल सप्लाई तालमेल संघर्ष कमेटी की जिला स्तरीय बैठक जिला कन्वीनर दर्शन ¨सह बड़वा सहित सुखवीर ¨सह कितणा, अमृतबीर ¨सह, सतनाम ¨सह तथा जसवंत ¨सह आदि की संयुक्त अध्यक्षता में हुई।

इस बैठक में विभाग के अंदर ठेका आधारित योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों व कर्मचारियों की मांगों पर जहां गंभीरता से विचार किया गया वहीं राज्य सरकार द्वारा जल सप्लाई स्कीमें पंचायतों को सौंपे जाने संबंधी रची जा रही कवायद का खुला विरोध भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा रची जाने वाली कवायद कर्मचारी विरोधी है जिससे हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों के पास पहले से जितने भी काम एवं दायित्व सौंपे गए थे वो तमाम फेल हो चुके हैं तथा अगर जल सप्लाई स्कीमें पंचायतों को सौंपी जाती हैं तो स्कीमें ठप हो सकती हैं जिससे गांवों में जल संकट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायतें तो बिजली के बिल तक नहीं अदा कर पाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग सरकार को विभिन्न प्रकार के टैक्स देते हैं ताकि सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवा सके। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को उसकी जरूरत के अनुसार साफ पानी उपलब्ध करवाना सरकार का दायित्व बनता है जिससे सरकार भागने का प्रयास करने में लगी हुई है।

मालेरकोटला में निकाली जाएगी रैली

इस मौके जिला कन्वीनर दर्शन ¨सह बड़वा ने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया है कि पंजाब सरकार द्वारा जल सप्लाई स्कीमों संबंधी लिए फैसले का खुला विरोध किया जाएगा जिसके तहत 10 सितंबर को आनंदपुर साहिब में जबकि 14 सितंबर को रूपनगर में पंजाब सरकार तथा जल सप्लाई मंत्री पंजाब के पुतले फूंकते हुए रोष प्रदर्शन किया जाएगा। अगर इसके बाद भी सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो छह अक्टूबर को जल सप्लाई मंत्री के हल्का मालेरकोटला में आम लोगों को साथ लेकर रोष रैली करते हुए मंत्री के निवास की तरफ मार्च किया जाएगा। इस मौके संघर्ष कमेटी के अन्य मेंबर भी हाजिर थे।

Posted By: Jagran