संवाद सहयोगी, रूपनगर

गुरूद्वारा श्री ¨सह सभा में रविवार को साध संगत सेवा सोसायटी के द्वारा करवाए गए धार्मिक समागम के दौरान 1984 के शहीदों को जहां नमन किया गया वहीं कीर्तन दरबार के माध्यम से संगतों को निहाल भी किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में संगत शामिल हुई।

इस मौके भाई न¨रदर ¨सह नगीना के ढाडी जत्थे सहित भाई निशान ¨सह के ढाडी जत्थे, कथावाचक भाई ¨प्रसिपल बलजीत ¨सह के जत्थे के अलावा कथावाचक भाई हर¨जदर ¨सह आदि ने शब्द गायन व गुरू महिमा के साथ संगत को गुरू चरणों से जोड़ने का प्रयास किया। इस मौके वक्ताओं ने डेरावाद से दूर रहने के लिए संगत को प्रेरित किया जबकि शिअद अमृतसर के रणजीत ¨सह संतोखगढ़ तथा फौजा ¨सह आदि ने भी पंथ हित पर विचार रखे। इस मौके सु¨रदर ¨सह मगरोड सहित बल¨वदर ¨सह ग्रेवाल आदि ने संगतों का आभार व्यक्त किया।

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