संवाद सहयोगी, रूपनगर : रूपनगर में सिविल सर्जन डॉ. ह¨रदर कौर के दिशा-निर्देशों पर जारी नेत्रदान जागरुकता पखवाड़ा समाप्त हो गया। इस दौरान आम लोगों को जहां नेत्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया वहीं लोगों की विशेषकर छोटे बच्चों की आंखों की विशेषज्ञों के द्वारा जांच भी की गई।

इस पखवाड़े के समापन से पहले कम्युनिटी हेल्थ सेंटर चमकौर साहिब में विशेष कैंप लगाते हुए मरीजों की आंखों की मुफ्त जांच की गई। इस मौके नेत्र विशेषज्ञ डॉ. जरनैल ¨सह ने आंखों की सुरक्षा के बारे विस्तृत रूप से लोगों को जानकारी दी जबकि एसएमओ डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि इस पखवाड़े के दौरान नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस के तहत लोगों को आंखों की सुरक्षा करने के साथ साथ नेत्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया है ताकि दान किए गए नेत्रों से अंधेपन का शिकार लोगों को लाभ प्रदान किया जा सके।

इस मौके लोगों को समझाया गया कि छोटी आयु में खुराक की कमी या आंखों पर लगने वाली किसी चोट अथवा इंफेक्शन के कारण आंखों की रोशनी कम हो सकती है अथवा रोशन खत्म भी हो सकती है। छोटी आयु वाले बच्चों को तीखी चीजों, चाकू, सुई, पेचकस, तेज रसायन, पटाखों, गुल्ली-डंडा, तीर या कैंची आदि से दूर रखना चाहिए। बच्चों को विटामिन ए से भरपूर चीजों यानि हरी सब्जियों, पत्तेदार सब्जियों, पालक, मेथी, बाथू, मूली के पत्तों तथा पीले फलों आदि का अधिक से अधिक सेवन करवाना चाहिए।

इस मौके जरनैल ¨सह ने लोगों को बताया कि आंखों को छूने से पहले हाथों को अच्छा प्रकार साफ करना जरूरी है। उन्होंने लोगों को जीते जी रक्तदान व मरने उपरांत नेत्रदान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि किसी भी सिविल अस्पताल में या सरकारी मेडिकल कालेज में जाकर संकल्प पत्र भरते हुए नेत्रदानी बना जा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान के साथ साथ नेत्रदान भी सबसे महान दान है। इस मौके हर¨वदर ¨सह सैनी तथा एसआई नागर ¨सह आदि ने भी लोगों को जागरूक किया।

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