संवाद सहयोगी, रूपनगर

थाना सदर के अंतर्गत पड़ते गांव डंगोली के ¨सह शहीदां गुरुद्वारा साहिब में शनिवार को हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित इसी गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी ¨सह का काम करता है।

रविवार दोपहर जिला हेडक्वार्टर में बुलाई गई प्रेस वार्ता में जिला पुलिस प्रमुख राज बचन ¨सह संधू ने कहा कि शनिवार सुबह घनौली चौकी के इंचार्ज जसमेर ¨सह को यह सूचना मिली थी कि गांव डंगोली के ¨सह शहीदां गुरुद्वारा साहिब में कुछ शरारती तत्वों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप के पन्ने फाड़ते हुए खंडित कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव जैसी स्थिति बनने लगी थी, क्योंकि इस घटना ने गुरु महाराज में आस्था रखने वालों की भावनाओं को आहत करके रख दिया था। मामले की जांच का जिम्मा पुलिस अधीक्षक जांच र¨मदर ¨सह के नेतृत्व में डीएसपी जांच व¨रदरजीत ¨सह, डीएसपी मनवीर ¨सह बाजवा, सीआइए इंचार्ज इंस्पेक्टर अतुल सोनी तथा थाना सदर के प्रभारी राजपाल ¨सह को सौंपा गया था। टीम ने गुरुद्वारा साहिब खुलने व घटना का पता लगने से लेकर गांव वासियों में होने वाली चर्चाओं तक हर पहलु की बारीकी से जांच की। उन्होंने अति संवेदनशील मामले को सुलझाया ही नहीं, बल्कि आरोपित इसी गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ¨सह को गिरफ्तार भी कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपित ग्रंथी ¨सह की पहचान जगतार ¨सह पुत्र मंगत ¨सह सैणी निवासी गांव डंगोली के रूप में की गई है।

ग्रंथी ¨सह से जब पूछताछ की गई तो उसने बार-बार अपने बयान बदले जिससे वो शंका के घेरे में आ गया। जांच में ग्रंथी ¨सह आरोपित जगतार ¨सह ने पहले बताया कि वो रोज की तरह सेवा संभाल करने के बाद गुरू घर का दरवाजा बंद करते हुए अपने घर चला गया था। थोड़ी सख्ती से पूछताछ की तो आरोपित कहने लगा कि उसने जाने से पहले दरवाजा बंद नहीं किया था। इसके अलावा पुलिस को पहली जांच दौरान बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की सूचना सबसे पहले उसी ने अपने फोन द्वारा गांव वासियों को दी थी, लेकिन उसकी बात झूठी साबित हुई। इस घटना का पता सबसे पहले उन महिलाओं को चला जो सुबह गुरु घर में रोज की भांति माथा टेकने के लिए आई थीं। उन्होंने बताया कि आरोपित जगतार ¨सह सुबह 5.45 बजे घर गया जबकि महिलाएं 6.15 बजे गुरु घर पहुंची व इस अवधि के बीच गुरु घर में कोई अन्य आया ही नहीं। जिससे स्पष्ट हो गया कि ग्रंथी ¨सह कुछ छिपा रहा है।

जगतार ¨सह से कड़ाई के साथ पूछताछ की गई तथा यह भी पूछा गया कि घटना वाले दिन मुख्य वॉक क्या था व किस पन्ने से लिया गया था। उन्होंने बताया कि इस बारे भी आरोपित कुछ नहीं बता पाया। बाद में पूछताछ दौरान जगतार ¨सह ने खुलासा किया कि वह सही मायने में ट्रक ड्राइवर है, जबकि उस पर गुरुद्वारा साहिब में रखने का दबाव डाला जा रहा था जिसके चलते वो मानसिक तनाव में था। क्योंकि गुरु घर के लिए समय निकाल पाना उसके लिए काफी कठिन हो रहा था। आरोपित ने माना कि मानसिक तनाव से ग्रस्त होकर ही उसने इस घटना को अंजाम दिया है। आरोपित जगतार ने माना कि उसने भोग लगाने वाली सिरी साहिब का प्रयोग करते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पन्ने फाड़ते हुए खंडित किया है जिसके बाद उसने लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से गुरु के दरवाजे खुले छोड़ते हुए अपने घर का रूख किया था। ताकि लोग यही समझें की किसी शरारती तत्व ने इस घटना को अंजाम दिया है। जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि आरोपित को रविवार शाम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा तथा पुलिस रिमांड हासिल करते हुए और पूछताछ की जाएगी।

By Jagran