मुकन्द हरि जुल्का, नवांशहर : कोविड-19 के कारण पूरा देश में मंदी का असर है। रक्षाबंधन पर भी शहर के बाजार वीरान पड़े हैं, कोरोना की मार से राखी का बाजार एकदम से ठंडा पड़ गया है। दुकानदारों में जो राखी का स्टॉक कर रखा था, ऐसे ही पड़ा नजर आ रहा है। कोरोना वायरस को लेकर शुरुआती दौर में व्यवसायी की कमर तोड़ दी थी। रक्षाबंधन के त्यौहार पर दुकानदारों को कुछ उम्मीद जगी थी, लेकिन सभी की उम्मीदों में पानी फिर गया। वहीं मिठाई कारोबार भी जबरदस्त मंदी के दौर में से गुजर रहा है। लोग बाजारों का समान खाने पीने की बजाय घर में ही पकवान बना रहे हैं। ऐसे में मिठाई कारोबार बिल्कुल मंदी में पड़ गया है।

शहर के मुख्य मिठाई विक्रेता राम संस के मालिक राकेश कुमार बिट्टू का कहना है कि लोगों का रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने का उत्साह तो है, लेकिन कोरोना वायरस के कारण मार्केट में कम ही निकल रहे हैं। पिछले साल की बिक्री देखी जाए तो इस रक्षाबंधन पर 50 प्रतिशत से भी कम हो रही है।

घरों से नहीं निकल रहे लोग

राखी बेचने वाले ज्ञान सागर, परविंद्र कुमार, सुनील बेहल, संजीव कुमार का कहना है लॉकडाउन से ही बजारा मंदी में था । रक्षाबंधन पर कुछ उम्मीद जगी थी, लेकिन लोग कोरोना वायरस के कारण घरों से नहीं निकल पाते।

ठंडा हुआ कपड़े का कारोबार

रेडीमेड का काम करने वाले राजेश ओहरी का कहना है कि रक्षाबंधन पर्व पर रेडीमेड कपड़ों में छोटे बच्चों के कपड़ों की बिक्री भी होती है, लेकिन इस महामारी में लोग बच्चों के लिए कपड़े नहीं ले पा रहे।

नहीं बिक रही चांदी की राखी

ज्वैलरी का काम करने वाले रजनीश जैन का कहना है पहले चांदी की राखी की बिक्री काफी निकलती थी, लेकिन अब चांदी के भाव इतने बढ़ गए हैं इन लोगों के बस से बाहर हो गया है।

Posted By: Jagran

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