जागरण संवाददाता, रूपनगर: रयात-बाहरा यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिकल एंड अलाइड विज्ञान की तरफ से इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, पंजाब स्टेट रेडक्रास ब्रांच चंडीगढ के सहयोग के साथ जलियावाला बाग के शहीदों की याद में एक खूनदान कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में विद्यार्थियों और फेकल्टी सदस्यों ने 151 यूनिट खूनदान किया। कैंप में माहिर डाक्टरों की टीम ने खून एकत्रित किया। कैंप का उद्घाटन इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, पंजाब रेडक्रॉस ब्रांच के सचिव सीएस. तलवार और रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. दलजीत सिंह ने किया। इस मौके उनके साथ यूनिवर्सिटी स्कूल्स के डीन और डायरेक्टर भी उपस्थित थे। इस दौरान सीएस तलवार ने कहा कि हर साल हमारे देश को पांच करोड़ यूनिट खून की जरूरत होती है, जबकि उपलब्धता सिर्फ 2.5 करोड़ यूनिट है, इसलिए उपलब्धता और मांग के बीच के अंतर को भरने के लिए खूनदान को प्रफुल्लित करने की जरूरत है। वाइस चांसलर डॉ. दलजीत सिंह ने कहा कि इस समय करीब आठ मुख्य खून की किस्में हैं, जो यह यह संकेत करता है कि सही किस्म का खून सही समय पर उपलब्ध होना चाहिए। इस लिए लोगों की जान बचाने के लिए ़खून दान करना कितना महत्वपूर्ण है, इसलिए आम जनता को जागरूक करना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिकल एंड अलाइड विज्ञान की डीन डॉ. शाइना वर्मा ने कहा कि एक खूनदानी को यह जानना बहुत जरूरी है कि एक बार खूनदान करने और दूसरे के बीच 180 दिन का अंतराल होना चाहिए। रयात बाहरा ग्रुप के चेयरमैन स. गुरविदर सिंह बाहरा ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि खूनदान करने के साथ न सिर्फ शरीर निरोग रहता है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की भी सहायता की जा सकती है। खूनदान हमारी एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। कैंप दौरान कैंप्स के सभी विभागों के विद्यार्थियों के अलावा फेकल्टी सदस्यों ने खूनदान किया। इस दौरान अन्य के अलावा यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार और प्रो वाइस चांसलर एसी वैद और प्रो र्वास चांसलर डॉ.मनोज मनूजा आदि भी हाजिर थे।

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