जागरण संवाददाता, रूपनगर

आइआइटी के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय ने फैक्लटी के लिए 2017 में पहली बार समर विजिटेशन कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें सभी विभागों के 10 स्टाफ सदस्य चयनित शीर्ष विश्वविद्यालयों में भेजे गए थे। इस ग्रीष्मकाल (2018) में 17 प्रोफेसर अपने संबंधित संस्थानों में रहने के पांच से दस सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोगी शोध अवसरों की खोज के लिए शीर्ष विश्वविद्यालयों का दौरा कर रहे हैं। मेकेनिकल इंजीनिय¨रग विभाग से डॉ रवि कांत क्रैनफील्ड विश्वविद्यालय यूके का दौरा कर रहे हैं। डॉ देवंजन समांता नॉर्डिता, स्टॉकहोम, स्वीडन, केटीएच मैकेनिक्स, स्टॉकहोम, स्वीडन और केटीएच मैकेनिक्स स्टॉकहोम, स्वीडन का दौरा कर रहे हैं। डॉ रामजी रेपाका जैव चिकित्सा प्रौद्योगिकी, ऑकलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, न्यूजीलैंड संस्थान जा रहे हैं। डॉ.नवीन कुमार रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट यूएसए का दौरा कर रहे हैं, डॉ अनुपम अग्रवाल मेकमास्टर विश्वविद्यालय, हैमिल्टन, ओंटारियो, कनाडा जा रहे हैं। इसी तरह कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनिय¨रग विभाग से डॉ. सोमित्रा कुमार संध्या इंस्टीट्यूट आफ इंफॉरमेशन साइंस, एकेडिमीया सिनीका, ताइवान का दौरा कर रहे हैं। डॉ. नीरज गोयल एनयूएस ¨सगापुर तथा डॉ. पुनीत गोयल यूनिवर्सिटी आफ ह्यूस्टन, यूएसए का दौरा कर रहे हैं। सिविल इंजीनिय¨रग विभाग से डॉ. सागर रोहिदास चव्हाण एलआइएसएएच, आइएनआरए मोंटपेलियर फ्रांस का दौरा कर रहे हैं और डॉ पुतूल हल्दार कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजल्स का दौरा कर रहे हैं। विद्युत इंजीनिय¨रग विभाग से डॉ.सुमन कुमार ब्रैडली डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनिय¨रग, 445 डरहम हॉल, वर्जीनिया टेक, ब्लैकबर्ग, यूएसए का दौरा कर रहे हैं। रसायन विज्ञान विभाग से डॉ टीजे. धिलीप कुमार यूएनएसडब्ल्यू कैनबरा ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रहे हैं तथा डॉ सीएम नागराजा क्योटो विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडी, इंस्टीट्यूट फॉर इंट्रीग्रेटेड सेल-मटीरियल साइंसेस, क्योटो, जापान में जा रहे हैं। भौतिकी विभाग से डॉ. मुकेश कुमार राइस यूनिवर्सिटी, ह्यूस्टन, टेक्सास जा रहे हैं। गणित विभाग से डॉ. एससी. मार्था शंघाई जियाओटोंग यूनिवर्सिटी, चीन का दौरा कर रहे हैं तथा डॉ. आरती पांडेय कार्लेटन यूनिवर्सिटी, ओटावा, कनाडा जा रहे हैं। मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग से डॉ. समरेश बर्धन कार्डिफ़ विश्वविद्यालय, ब्रिटेन जा रहे हैं। आइआइटी रूपनगर के डायरेक्टर प्रोफेसर सरित कुमार दास ने कहा कि समर विजिटेशन प्रोग्राम दुनिया भर के सबसे प्रमुख शोधकर्ताओं की एक बड़ी संख्या में हमारे स्टाफ को उजागर करता है।

By Jagran