जागरण संवाददाता, नंगल: शिव महापुराण कथा के धार्मिक कार्यक्रम में तीसरे दिन सोमवार को भी प्राणी मात्र का अध्यात्मिक मार्गदर्शन किया गया। प्रीत नगर में आयोजित कथा कार्यक्रम में हिमाचल के अलसु गांव से पधारे संजय शास्त्री ने प्रवचनों की रसधारा बहाते हुए मां की शिक्षाओं व प्रेरणाओं को जीवन का सही मार्गदर्शन बताया व कहा कि बच्चे का सबसे पहला गुरु उसकी मां ही होती है। मां ही बच्चे के जन्म से लेकर उम्र भर समय-समय पर गहरी चिता मन में लिए हर वक्त गंभीर रहती है। पैदा होने वाला हर बच्चा सबसे ज्यादा प्यार अपनी मां से ही करता है। इसलिए मां ही एक ऐसी मार्गदर्शक है, जिससे हर प्राणी अच्छे संस्कार सीख कर राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे सकता है। इसलिए जरूरी है कि नारी शक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर व नारी के उत्थान के लिए ऐसे प्रयास किए जाएं जिससे नारी शक्ति मानवता का संपूर्ण विकास करने में और ज्यादा सहयोग दे सके। पांच दिसंबर तक चलने वाले कार्यक्रम में पूज्य श्री ने कहा कि मां की पूजा ही भगवान की पूजा है। हम सभी को महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीरता से सहयोग देना चाहिए, क्योंकि मातृ शक्ति के सशक्त बनने से ही समाज को संस्कारवान बनाया जा सकता है। इस अवसर पर एडवोकेट राकेश बाली, अमित कौशल, वीरेंद्र बाली, धर्म पाल बंसल, शिव कुमार शर्मा, मुनीष वशिष्ठ, राकेश मेहता, बुद्धि सिंह रावत, योगाचार्य आरएस राणा, शिव कुमार जसवाल, कमल किशोर कौशल, आरके कटोच, आरके गुप्ता, आनंद कुमार, कस्तूरी लाल, राकेश शर्मा, किशोरी लाल, छोटे लाल, राकेश लखनपाल आदि भी मौजूद थे।

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