अरूण कुमार पुरी, रूपनगर : रेल ट्रैक पर आए दिन लोगों की लापरवाही तथा रेलवे विभाग की उदासीनता के कारण जहां हादसे नहीं थम रहीं हैं वहीं लोग भी हादसों से सबक नहीं ले पा रहे हैं। हालात यह हैं कि आज भी रेलवे का फाटक बंद होने के बावजूद दोपहिया वाहन चालक फाटक के खुलने का इंतजार किए बगैर वाहन सहित फाटक को पार करते देखे जा सकते हैं जबकि लोगों को जान हथेली पर रख रेल ट्रैक पर चलते हुए भी देखा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि विभिन्न सड़कों के ऊपर से होकर गुजरते रेल ट्रैक पर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे विभाग के द्वारा बाकायदा फाटक लगाए गए हैं जिन्हें स्टेशन मास्टर का आदेश मिलने के बाद एवं गाड़ी के गुजरने से पहले बंद किया जाता है। हालांकि रेलवे ने लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था तो बनाई हुई है लेकिन लेकिन लोग खुद की सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं हैं क्योंकि रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद लोग जान हथेली पर रखते हुए बंद फाटक को पार करते देखे जा सकते हैं जबकि रेलवे विभाग भी लोगों की इस लापरवाही को नजरअंदाज करता रहता है। पिछले दो साल के दौरान फाटक पार करते व रेल ट्रैक पर चलते हुए हादसों की अगर बात करें तो अब तक दो दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं बावजूद इसके किसी ने कोई सबक नहीं लिया। इस मामले में जीआरपी व आरपीएफ का रवैया भी ठीक ठाक ही है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे विभाग के साथ साथ जीआरपी व आरपीएफ को सख्त होना पड़ेगा। जो लोग रेलवे नियमों का उलंघन करते हैं उनके खिलाफ बिना देरी कार्रवाई की जानी चाहिए।

रमेश गोयल, पूर्व मेंबर, उत्तर रेलवे यूजर समिति

रेलवे एक्ट के उल्लंघन करने वालों पर अगर कार्रवाई नहीं की जाती तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए तथा अगर कोई हादसा होता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

पीके उप्पल, एडवोकेट

आरपीएफ भी इस मामले में सख्त है तथा समय समय पर अचानक अभियान चलाते हुए बंद फाटक को पार करने वालों व ट्रैक पर चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रहती है। उन्होंने बताया कि छह माह के दौरान ऐसे तीन सौ से अधिक चालान किए जा चुके हैं व यह क्रम लगातार जारी है।

राजिदर कुमार, जीआरपी इंचार्ज इस बारे रेलवे विभाग तो गंभीर है लेकिन लोगों को भी सोचना चाहिए कि ट्रैक पर चलती ट्रेन दस सेकेंड में 25 से 30 मीटर रास्ता पार कर जाती है तथा किसी भी ट्रेन तो तुरंत रोका नहीं जा सकता। लोगों को रेलवे एक्ट का पालन करना चाहिए।

तेजिदर पाल, स्टेशन सुपरिंटेंडेंट

Posted By: Jagran

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