सुभाष शर्मा, नंगल : गर्मी ने इलाके में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में लोग राहत पाने के लिए नहरों व दरिया की तरफ जा रहे हैं। राहत के लिए नहरों के किनारे जगह-जगह लोग नहाते आम देखे जा रहे हैं। दिन के समय कड़कती धूप के साथ पड़ रही गरमी इस कदर जनजीवन पर भारी पड़ चुकी है कि गर्मी से परेशान लोग जोखिम उठा कर नहरों के घाटों पर नहाने पहुंच रहे हैं। शनिवार को वादियों में अधिकतम तापमान का ग्राफ 42 डिग्री सैल्सियस तक बने रहने के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। ऐसे में लोग जोखिम उठा कर नहरों की तरफ नहाने के लिए जाते देखे गए।

उधर शाम के समय नंगल डैम के निकट झील से उठने वाली धुंध के पास पहुंच कर राहत पाने वालों की संख्या काफी बढ़ गई थी। जानवर भी नहरों के पुलों पर बैठ कर पानी की ठंडी फुहारों से राहत पा रहे हैं। अड्डा मार्केट के राज कुमार दुग्गल ने बताया कि इलाके में पड़ रही गर्मी ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है, ऊपर से भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों के सने पड़े नालों की बदबू व मच्छर ने तो परेशानी को और ज्यादा बढ़ा दिया है। वरुण देवता मंदिर, बाबा ऊधो मंदिर तथा बस स्टेंड के निकट नहरों के किनारे बने घाटों पर नहाने वालों के सैलाब उमड़े आम देखे जा रहे हैं। बर्फीले पानी में कुछ मिनट भी बैठना है मुश्किल

नंगल शहर में बहने वाली नहरों में सतलुज दरिया में बर्फीले पहाड़ों से उतर कर आने वाला पानी बेहद ठंडा है। बर्फ जैसे ठंडे पानी में सात-आठ मिनट तक भी बैठना बेहद मुश्किल है। कहा जा सकता है कि दस मिनट तक पानी में बैठना आम आदमी के बस में नहीं है। ऐसे में लोग ठंडे पानी के प्रति आकर्षित होकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। दोपहर के समय भाखड़ा बांध से पहाड़ी इलाके में छाए काले घनघोर बादलों से पहले तो उम्मीद बनी थी कि बारिश पड़ जाएगी लेकिन बारिश तो नहीं पड़ी पर बादलों के कारण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है। सीमावर्ती हिमाचल की रामगढ़ धार तथा कुठलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में हलकी बूंदाबांदी होने की खबर है।

Posted By: Jagran

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