जागरण संवाददाता, रूपनगर

नगर कौंसिल की बैठक में जनहित के कई मुद्दों पर विपक्ष ने जमकर बहस की। बैठक में कांग्रेस के पार्षद अशोक वाही ने कहा कि कौंसिल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से नहीं निभा रहा। वो हरेक बैठक में चौथे महीने मई में हुए खर्च का ब्यौरा मांगते हैं, लेकिन ये ब्यौरा क्यों नहीं दिया जा रहा। वाही ने कहा कि नक्शा फीस के रूप में कौंसिल को आमदनी होनी थी लेकिन कौंसिल के कर्मचारी ऐसे मामलों में गंभीरता ही नहीं बरतते। उधर, परमजीत ¨सह माक्कड़ ने कहा कि शहर में रिकवरी करने गए मुलाजिमों को पार्षद धमकाते हैं कि दोबारा रिकवरी के लिए आया तो देख लेंगे। बैठक में खूब तू-तू मैं मैं भी हुई। बैठक में माक्कड़ ने पार्षद वाही का नाम लेते हुए कहा कि वो कर्मचारियों को धमकाते हैं। बाद में मीडिया से बातचीत में अशोक वाही ने कहा कि प्रधान माक्कड़ ओहदे के लायक नहीं हैं तथा ईओ अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहे। प्रधान को ओहदे से हटा देना चाहिए। वहीं, माक्कड़ ने कहा कि वाही के खिलाफ अगर लिखित शिकायत आई तो वो सरकार को वाही की सदस्यता खारिज करने के लिए लिखेंगे। बैठक की शुरुआत में ही पार्षद वाही ने कहा कि पहले ये बताया जाए कि जो प्रस्ताव विकासकार्यों के डाले जाते हैं क्या उनका क्या स्टेटस है। इस पर ईओ मोहित शर्मा ने कहा कि फंड आने पर काम किए जाएंगे। इस पर वाही ने कहा कि क्यों बिना फंड के विकास कार्यों के प्रस्ताव डाले जा रहे हैं। फिर ईओ लिख देता है कि फंड आने पर काम करवाए जाएंगे। वाही ने ये भी कहा कि उनके वार्ड में पिछले एक माह से स्ट्रीट लाइट नहीं जगती। कौंसिल क्या कर रही है। बिजली के करोड़ों रुपए के बिल क्यों पें¨डग हैं। शहर के लोगों को अपनी रजिस्ट्रियों के लिए कौंसिल में असेटमेंट के लिए क्यों परेशान किया जा रहा है। इस पर पार्षद पोमी सोनी, हर¨वदर ¨सह हवेली ने भी वाही का साथ दिया। हर¨वदर हवेली ने कहा कि लोगों को सुविधाएं देने वाली कौंसिल पानी सीवरेज के बिल तथा प्रॉपर्टी टैक्स क्यों ले रही है अगर लोगों को असेसमेंट नहीं दे सकती। इस पर ईओ मोहित शर्मा ने कहा कि वो उच्चाधिकारियों से बात करेंगे कि प्रॉपर्टी टैक्स लागू होने के बाद लोगों की प्रापर्टी का ब्यौरा दर्ज नहीं हो पा रहा। क्योंकि लोगों से उनकी प्रापर्टी संबंधी स्वघोषणा पत्र लिए जाते हैं। क्या 40 फीसद कमीशन का चक्कर है बैठक में भाजपा पार्षद रमन ¨जदल ने कहा कि शहर में लगे 200 वाट के ज्यादा बिजली खपत करने वाले बल्ब हटाए जाएं। इससे कौंसिल का चार पांच गुणा बिजली का बिल कम होगा। इसका कुछेक पार्षदों ने विरोध भी किया। पार्षद वाही ने कहा कि कौंसिल बताए कि कहां कहां 200 वाट के बल्ब लगाए गए हैं। क्या कौंसिल ने लगाए हैं। किससे मंजूरी लेकर ऐसे बल्ब लगाए गए। इस पर माक्कड़ ने कहा कि कौंसिल ने कोई 200 वाट का बल्ब नहीं लगाया। पार्षद गुरमीत ¨रकू ने कहा कि कौंसिल ने ऐसे बल्ब लगाए थे। पार्षद वाही ने मांग की कि सरकारी टेंडर मांगकर बल्ब क्यों नहीं लगाए जाते। प्राइवेट तौर पर क्यों खरीददारी की जा रही है। क्या 40 फीसद कमीशन का चक्कर है। .. जब धनोआ को संदोआ कहा बैठक में अकाली पार्षद मन¨जदर ¨सह धनोआ बोलने लगे तो पार्षद वाही ने कहा कि आपकी तो आडियो क्लिप है जिसमें आप अपने ही प्रधान के राज में रो रहे हो। इस पर धनोआ ने कहा कि वो क्या करें। अब भी रो रहे हैं वार्ड के कामों के लिए। लेकिन उनके वार्ड में बहुत काम हुए हैं। उनके वार्ड में सीवरेज एक महीने से ब्लाक है। ईओ ने इसके लिए एक हफ्ते का समय मांगा। इस पर वाही ने चुटकी लेते हुए कहा कि काम तो आपके मंत्री ने भी बहुत करवाए थे। उनके वार्ड में काम उनकी देन है। धनोआ ने कहा कि वो आज भी उन्हें ही मंत्री मानते हैं बेशक वो हार गए। बैठक में तब खूब ठहाके लगे जब वाही ने धनोआ को संदोआ कहकर ही संबोधित कर दिया. 70 वॉट की एलइडी लगाई जाएं बैठक में आजाद पार्षद अमरजीत ¨सह जौली ने कहा कि शहर में 70 वॉट के एलइडी बल्ब लगाए जाने चाहिए। 150 वॉट के बल्बों की जरूरत ही नहीं है। वहीं, पार्षद र¨वदर कौर जग्गी ने कहा कि वो अपने वार्ड में न सिर्फ बल्ब लगवा रहे हैं बल्कि वार्ड के पार्कों में सफाई भी खुद करवा रहे हैं। जेसीबी मशीन तक कौंसिल नहीं दे पाई। आठ घंटे प्रति घंटा 800 रुपए के हिसाब से खुद अपनी जेब से दे चुकी हैं ।

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