जागरण संवाददाता, नंगल

शहर की मेन मार्केट तथा समीपवर्ती जिला मुख्यालय ऊना में पार्ट टाइम जॉब के नाम पर हजारों लोग ठगी का शिकार हुए हैं। इनमें युवा से लेकर वृद्ध भी शामिल हैं। नंगल-भाखड़ा मार्ग पर स्थित एक दफ्तर खोल कर असंख्य लोगों को कंपनी ने फ्री समय में मोबाइल से वाटसएप पर एसएमएस करने पर 5000 रुपए का लोभ दिया था। इसके बदले आईडी लेने पर 3000 रुपये की रकम वसूलते थे। मंगलवार को जब लोग कंपनी के ऑफिस पहुंचे, तो देखा कोई भी नही था। ऊना में खोले दफ्तर में टेबल, बैंच, एसी सहित अन्य फर्नीचर गायब था। बताया जा रहा है कि ऑफिस में कंपनी के किसी भी कर्मचारी को न पाकर भीड़ के जो हाथ लगा, वो उठा कर चलते हुए। इसी बीच ठगी का शिकार हुए हिमाचल के सैकड़ों लोग पुलिस चौकी पहुंचे, जहा पर उन्होंने कंपनी के खिलाफ शिकायत दी। जानकारी के मुताबिक ऊना कॉलेज के समीप एक कंपनी काफी समय से एसएमएस करने के नाम पर लोगों को रोजगार दे रही थी।

कंपनी को 3000 हजार देने पर 70 दिन के बाद 5000 कि रकम प्रतिमाह मिलती थी, जिसके चलते प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से भी लोग कंपनी के साथ जुड़ने लगे। हर माह मिल रही 5000 की रकम को देख कर लोग कंपनी के झासे में आने लगे। यहाँ तक लोगो ने आईडी लेने के लिए अपने गहने बेच व खून पसीने की कमाई दांव पर लगा दी। कइयों ने अपने-अपने ऑफिस बना कर आईडी सेल करने का काम भी शुरू कर दिया था। एक आकंड़े के अनुसार पार्टटाइम जॉब के नाम पर करोड़ों रुपए का चूना लोगों को लगा है। लोगों ने पुलिस चौकी पहुंच इसकी शिकायत दर्ज करवा दी हैं। वहीं दूसरी तरफ अभी तक नंगल में इस ठगी का शिकार हुए लोग पुलिस के पास नहीं पहुंचे हैं। नंगल के डीएसपी जीपी सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक इस घटना की जानकारी नहीं मिली है और न ही ठगी की शिकायत किसी ने दर्ज कराई है।

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