जागरण संवाददाता, रूपनगर

कीरतपुर साहिब में पांच जुलाई को नगर पंचायत में तीन करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की ई टेंड¨रग में गड़बड़झाले के आरोप ठेकेदारों ने दागने आरंभ कर दिए हैं। ठेकेदार इस मामले को विभाग के चीफ इंजीनियर के ध्यान में लाए और जब कोई एक्शन नहीं हुआ तो स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर करनेश शर्मा के ध्यान में मामला लाते हुए शिकायत कर दी है। ठेकेदारों का आरोप है कि म्यूनिसिपल इंजीनियर नियमों को ताक पर रखकर ई टेंड¨रग करवा रहा है। दूसरी तरफ, कीरतपुर साहिब के एमई मुकेश राय ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि ई टेंड¨रग की कार्रवाई नगर कौंसिल के कार्यसाधक अधिकारी तथा एसडीओ की अगुवाई में हुई है। उसमें सीधे तौर पर उनका कोई संबंध नहीं है। ई टेंड¨रग होने के बाद जो फाइनल होता है वो उनके पास आता है। एएस इंटरप्राइजिज के प्रदीप गुप्ता ने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग के नियम के मुताबिक 40 लाख से नीचे के सिविल कार्य किसी फर्म को नहीं दिए जाते। इसलिए उन्होंने जो ई टेंडर आवेदन किए थे उसमें अपनी सोसायटी के जरिये किए थे, लेकिन सभी नियमों को छिक्के पर टांगकर उनको ई टेंड¨रग में नजरंदाज किया गया। और तो और उनके टेंडर रद करने की सूचना उन्हें मोबाइल पर पांच जुलाई की रात 9.49 पर दी गई। क्या सरकारी दफ्तर रात को कारोबार करते हैं। और तो और उन्होंने ई टेंडर 30 फीसद कम रेट पर भरे थे लेकिन दो फीसद कम रेट भरने वाले को टेंडर मंजूर कर लिए गए। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि सिविल वर्कर के लिए चतामला, सतलुज, लमहेड़ी, माजरी, रोपड़ सोसाइटी ने आवेदन किए थे लेकिन इन सोसाइटियों को नजरंदाज करके फर्मों को टेंडर अलॉट किए गए हैं। इसी तरह इलेक्ट्रिकल के कामों के लिए एएस इंटरप्राइजिज, भारत इलेक्ट्रिकल, सुभाष एंड सन्स, जेटीसी, कपूर इलेक्ट्रिकल, पीके इलेक्ट्रिकल ने आवेदन किए थे। म्यूनिसपल इंजीनियर मुकेश राय मामले में गलत भूमिका अदा करते हुए नियमों को ताक पर टांग रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर करनेश शर्मा को शिकायत की गई है तथा उन्होंने कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

मेरे पर लगाए आरोप निराधार: मुकेश राय उधर, नंगल के म्यूनिसिपल इंजीनियर मुकेश राय जिनके पास कीरतपुर साहिब का चार्ज है, ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका सीधे तौर पर ई टेंड¨रग से कोई लेना देना नहीं है। ई टेंड¨रग की कार्रवाई ईओ तथा एसडीओ स्तर पर मुकम्मल होती है। जिसमें वो कोई हस्तक्षेप नहीं करते। जब उनसे स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर के पास ठेकेदारों द्वारा शिकायत करने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि अगर कोई शिकायत कर रहा है तो कर सकता है। उन पर आरोप बेनुनियाद लगाए जा रहे हैं।

By Jagran