जेएनएन, रूपनगर। पुलिस ने हरियाणा के करनाल जिले के एक नशा तस्कर को साढ़े 22 किलो नशीले पाउडर सहित गिरफ्तार किया है। आरोपित 10 तरह की प्रतिबंधित गोलियों और भैंस को दी जाने वाली फीड को मिक्स कर नशीला पाउडर तैयार करता था। नशीले पाउडर की 10 ग्राम की पुड़ी तीन हजार रुपये में ट्रक ड्राइवरों को बेची जाती थी।

पुलिस के अनुसार आरोपित कुलविंदर सिंह पुत्र सतनाम सिंह वार्ड नंबर 10, गांव असंध जिला करनाल (हरियाणा) का रहने वाला है। आरोपित अपने साथियों के साथ मिलकर चिट्टे की तरह का नशीला पाउडर तैयार करता था। आरोपित दिल्ली और राजस्थान से 10 तरह की प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल लाते थे। इन गोलियों और कैप्सूल में भैंसों को दी जाने वाली फीड मिक्स की जाती थी। इस पाउडर की 10-10 ग्राम की पुड़िया बनाकर उसे 3000 रुपये के हिसाब से बेच देता था।

काउंटर इंटेलीजेंस को सूचना मिली कि रूपनगर-मोरिंडा रोड पर एक ऑल्टो कार पीबी-10 इक्यू-5451 में नशीला पाउडर सप्लाई किया जा रहा है। पुलिस ने शुक्रवार रात को कार रोककर तलाशी ली तो उसमें से साढ़े 22 किलो नशीला पाउडर मिला। आरोपित को गिरफ्तार कर नशा तस्करी का केस दर्ज किया गया है।

जमानत पर आकर फिर शुरू कर दी नशे की तस्करी

आरोपित कुलविंदर सिंह इससे पहले 2014 में पकड़ा जा चुका है। अभी वह जमानत पर है। जेल से बाहर आने पर गांव मलिकपुर में डॉक्टर की दुकान करने वाले अनिल के साथ मिलकर नशा बेचने का धंधा शुरू कर दिया। 2018 में डॉक्टर अनिल के पकड़े जाने के बाद उसने खुद ही मलिकपुर के पास अंबुजा वाले मोड़ को अपना अड्डा बना लिया। यहां पर वह सुबह चार से छह बजे के बीच ट्रक ड्राइवरों को नशीले पाउडर की पुड़िया बेचता था।

नशीले पाउडर पर दूसरा कोई नशा नहीं करता असर

काउंटर इंटेलीजेंस के इंस्पेक्टर पाल सिंह ने बताया कि आरोपित कुलविंदर सिंह ने पूछताछ में बताया कि इस नशीले पाउडर का नशा करने के बाद शराब, भांग और चिट्टा भी उस व्यक्ति पर कोई असर नहीं करता है। उसके गांव के 36 लोग इसी नशे को सप्लाई करने का धंधा करते हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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