जागरण संवाददाता, रूपनगर

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले जिलेभर में डॉक्टरों ने हड़ताल की और कोलकाता में डॉक्टरों के साथ हुई हिसा के विरोध में बैठक कर स्वास्थ्य अधिकारियों को मांगपत्र सौंपकर डॉक्टरों की सुरक्षा को यकीनी बनाने की मांग की। वहीं डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की वजह से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में काफी परेशानी हुई। जिला सदर मुकाम के अस्पताल समेत बाकी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं, लेकिन ओपीडी बुरी तरह प्रभावित हुई। शहर के प्रमुख अस्पतालों डॉ. परमार अस्पताल, सांघा अस्पताल, पुन्नू गाइनी एंड आइ अस्पताल, कमल नर्सिंग होम, किरन नर्सिंग होम, शर्मा आई अस्पताल आदि में इलाज के लिए पहुंचे लोग निराश लौटे। जिले में 40 सरकारी और प्राइवेट अस्पताल बंद रहे । 200 से ज्यादा डॉक्टरों ने कोलकाता में डॉक्टरों पर हुई हिसा के विरोध में काम बंद रखा। सिविल अस्पताल रूपनगर की इरमजेंसी में काफी संख्या में मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाएं ली। रविवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक 114 मरीजों ने स्वास्थ्य जांच करवाई, जबकि सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल वाले दिन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक 103 लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई

अस्ट्रासाउंड नहीं हो पाया: विमल थापा सिविल अस्पताल रूपनगर में आए विमल थापा ने बताया कि उसकी पत्नी अभिता को पथरी का दर्द हुआ, तो वो सिविल अस्पताल में जांच के लिए आए। यहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड लिख दिया, लेकिन डॉक्टरों और मेडिकल सेवाओं की हड़ताल की वजह से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। पत्नी की जांच नहीं करवा पाया: गुरविदर सिंह सिविल अस्पताल में आए गांव चक्कलां के गुरविदर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी हरबंस कौर गर्भवती है और उसका इलाज गायनी स्पेशलिस्ट हरप्रीत कौर के पास चल रहा है। उसकी पत्नी के टेस्ट करवाए गए थे, जिसमें जो कमियां आई थीं, को जांच करवाने अस्पताल आया। इमरजेंसी वार्ड और जच्चा- बच्चा वार्ड में उसे चक्कर काटने पड़े। अंत में डॉक्टर ने कहा कि जो डॉक्टर इलाज कर रहा है, उसके पास ही आकर मंगलवार को जांच करवाना। अब आज फिर आना पड़ेगा। प्राइवेट अस्पताल में नहीं मिला उपचार: मोहम्मद आसिफ प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर न मिलने पर मोहम्मद आसिफ सिविल अस्पताल रूपनगर में दाखिल हुआ। खैराबाद में रहने वाले मोहम्मद आसिफ के पिता मोहम्मद यामी ने बताया कि उसके बेटे का ब्लड प्रेशर कम हो गया था और वो उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों की हड़ताल के कारण इलाज नहीं मिला पाया, इसलिए सरकारी अस्पताल आए हैं।

सिविल सर्जन को सौंपा पीएम के नाम मांगपत्र रूपनगर के एक होटल में आयोजित आइएमए रूपनगर की बैठक की अध्यक्षता सर्जन डॉ.आरएस परमार, आइएमए प्रधान डॉक्टर अजय जिदल ने की। इस दौरान डाक्टरों के पेशे को धूमिल करने वाले कानूनों को हटाने और डॉक्टरों के हित में कानून बनाने की मांग की। इस दौरान अजय जिदल ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय इकाई के आह्वान पर सोमवार को जिलेभर में डॉक्टरों ने काम ठप रखा और लेबोरेटरी सर्विस भी बंद रखी, पर इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं। उन्होंने कहा कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज में एक महिला के उपचार के दौरान मौत के मामले में डॉक्टरों से मारपीट की गई, जोकि निदनीय है। उन्होंने मांग की कि डॉक्टरों के साथ ऐसे हादसे दोबारा न हों, सरकार इसको गंभीरता से ले। ऐसे कानून बनाएं , ताकि बिना वजह डॉक्टर जिसे भगवान का दर्जा दिया जाता है, वो मारपीट का शिकार हो। डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन डॉ. एचएन शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम मांगपत्र भी सौंपा।

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Posted By: Jagran

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