संवाद सहयोगी, रूपनगर :

जिला विकास एवं पंचायत अफसर (डीडीपीओ) अमरिदर पाल सिंह चौहान ने खुलासा किया है कि ब्लाक आनंदपुर साहिब में 230 एकड़ बहाई योग्य पंचायती ऐसी जमीन बारे और पता चला है, जोकि माल विभाग के रिकार्ड में तो पंचायती जमीन के रूप में दर्ज है लेकिन इसका रिकार्ड ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने बताया कि जिले के ब्लाक आनंदपुर साहिब में 230 एकड़ सात कनाल दस मरले बहाई योग्य जमीन का पता लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बीडीपीओ दफ्तर आनंदपुर साहिब के विभागीय रिकार्ड अनुसार बहाई योग्य जमीन का कुल रकबा 262 एकड़ एक कनाल आठ मरले दर्ज है लेकिन माल विभाग के साथ इस रिकार्ड की जांच के दौरान इस रकबे के अलावा 230 एकड़ सात कनाल दस मरले रकबे बारे भी पता चला है। उन्होंने बताया कि 230 एकड़ की उक्त पंचायती जमीन का माल रिकार्ड में ग्राम पंचायत से संबंध बताया गया है लेकिन अब पंचायती एवं विभागीय रिकार्ड में दर्ज नहीं। उन्होंने बताया कि पंचायती जमीनों से कब्जे हटाए जाने के अभियान दौरान यह पता चला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कब्जों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान का एक पहलु पंचायतों की मालकी वाली जमीनों की पहचान भी करना है व इसी पहचान के पहले पड़ाव में ही गड़बड़ पाई गई है।

उन्होंने बताया कि बीडीपीओ नूरपुरबेदी के दफ्तरी रिकार्ड के अनुसार पंचायती जमीन का कुल बहाई योग्य रकबा 262 एकड़ एक कनाल आठ मरले दर्ज है जिसे आगे 261 एकड़ एक कनाल आठ मरले जमीन जुमला मुशतरका मालिकन के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि चेकिग के दौरान माल विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर पाया गया कि उक्त जमीन के अलावा 23 ग्राम पंचायतों की शामलाट देय जमीन 142 एकड़ एक कनाल पांच मरले तथा 23 ग्राम पंचायतों की जुमला मुशतरका जमीन का 88 एकड़ छह कनाल पांच मरले रकबा और भी है।

उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि 230 एकड़ सात कनाव दस मरले ग्राम पंचायत से संबंधित जमीन विभागीय रिकार्ड में दर्ज नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत अगमपुर हदबस्त नंबर 360 तहसील आनंदपुर साहिब में बहाई योग्य ग्राम पंचायत देय (शामलाट देय) की जमीन माल रिकार्ड के अनुसार 143 एकड़ तीन कनाल नौ मरले (1147 कनाल नौ मरले) है जबकि पंचायती विभाग में यह केवल 97 एकड़ तीन कनाल ही दर्शाई गई है। इसी प्रकार अगमपुर में अतिरिक्त बहाई योग्य शामलाट देय 46 एकड़ नौ मरले जमीन की पहचान भी हुई है जबकि ग्राम पंचायत बेला रामगढ़ हदबस्त नंबर 270 तहसील नंगल में बहाई योग्य जुमला मुशतरका मालकन हदबस्त खेवट जमीन माल रिकार्ड के अनुसार 14 एकड़ 17 मरले (272 कनाल 17 मरले) है जबकि विभागीय रिकार्ड में इसे दर्शाया ही नहीं गया। उन्होंने बताया कि माल रिकार्ड के अनुसार पहचान की गई 230 एकड़ पंचायती जमीन प्राइवेट लोगों के नाजायज कब्जे में है जिस जमीन का आय के रूप में ग्राम पंचायत द्वारा कोई लाभ नहीं लिया जा सका तथा न ही पंचायती जमीन को गांव वासियों के संयुक्त लाभ के लिए प्रयोग किया जा सका है। उन्होंने बताया कि इस जमीन की पहचान होने के बाद अब लैंड एक्ट के अनुसार इस जमीन को खाली करवाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

Edited By: Jagran