सुभाष शर्मा, भाखड़ा बांध (नंगल):

भाखड़ा बांध की विशाल गोबिंद सागर झील में इस बार आखेट मछली के शिकार पर पाबंदी अभी तक नहीं लगी है। प्रजनन काल के मद्देनजर एक जून से मछली का शिकार बंद कर दिया जाता है, लेकिन इस बार आखेट पर पाबंदी शुरू करने की तिथि को 15 जून तक बढ़ा दिया गया है। अब यह पाबंदी 15 जून से 15 अगस्त तक रहेगी।

करीब 60 किलोमीटर तक फैली गोबिंद सागर झील में दो माह तक मछली के शिकार पर हर साल पाबंदी लगाई जाती है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग प्रति वर्ष झील से मछली पकड़कर अनुमानित छह करोड़ का कारोबार करता है। समुद्र जैसी दिखने वाली गोबिंद सागर झील में मछली के शिकार पर पाबंदी के मकसद को सुनिश्चित बनाने के लिए जागरूकता शिविर भी लगाए जाते हैं। मत्स्य विभाग झील में 'ए' ग्रेड तथा अन्य प्रकार की सुपर ब्रांड मछलियों की संख्या को बरकरार रखने के मकसद से मछलियों के पुंग भी डालता है। इस दिशा में पुंग डालने का कार्य भी 15 जून के बाद शुरू किया जाएगा।

कोट्स

16 अगस्त को बाजार में मिलेगी भाखड़ा की मछली

मछली पकड़ने पर 16 जून से लगने जा रही पाबंदी के बाद 16 अगस्त को भाखड़ा बांध की मछली बाजार में पहुंचेगी। पाबंदी के दौरान झील के तटों पर मत्स्य आखेट न करने को लेकर नजर रखी जाती है। इस बार बरसात देरी से आ रही है। इसके मद्देनजर ही आखेट पर पाबंदी की समयावधि को 15 दिन तक बढ़ाया गया है। हर बार की तरह झील में मछली के पुंग डालने की तैयारी शुरू की गई है। टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं।

बलजीत सिंह,

मत्स्य अधिकारी,

मत्स्य विभाग, बिलासपुर।

सुभाष शर्मा, जागरण संवाददाता, नंगल।

2 जून, 2020

Posted By: Jagran

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