जागरण संवाददाता, नंगल

नंगल नगर कौंसिल की वीरवार को हुई बैठक में रखे गए 20 प्रस्तावों को जहां बहुमत से पारित कर दिया गया, वहीं भाजपा पार्षदों ने इनमें से कुछ प्रस्तावों का विरोध किया है। बैठक के बाद कौंसिल के चेयरमैन अशोक पुरी, पार्षद एडवोकेट परमजीत सिंह, ब्लॉक काग्रेस नंगल के अध्यक्ष एवं पार्षद संजय साहनी ने कहा कि पारित हुए प्रस्तावों से जहा कर्मचारियों से संबंधित कार्य आगे बढ़ सकेंगे, वहीं वर्ष 2015 से अब तक करीब 200 कर्मचारियों का 1.95 करोड़ का ईपीएफ भी मिल सकेगा। इसके अलावा स्थानीय निकाय विभाग के आदेशों से बैठक में रखे गए उस प्रस्ताव को भी सहमति प्रदान कर दी गई है, जिसके तहत निकाय विभाग के विजिलेंस विभाग को एक ड्राइवर उपलब्ध करवाने तथा डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय लुधियाना के लिए फर्नीचर भेजने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर भाजपा पार्षदों ने कहा कि यह प्रस्ताव सरासर गलत हैं। इसस फंड का दुरुपयोग होगा और इसका सारा बोझ इलाके के लोगों पर आ जाएगा। वहीं नगर कौंसिल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए मशीनरी खरीदने के प्रस्ताव नंबर 20 के तहत अब कौंसिल को मशीनरी भी मिल जाएगी। यदि विजिलेंस जांच करे तो आएगा बड़ा घोटाला सामने : भाजपा

फोटो 20 एनजीएल 17 में है।

बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों राजेश चौधरी, डॉ. राजेंद्र कुमार, हरीश कपिला, विक्रात परमार, आरती मट्ट व सुषमा बरारी ने कहा कि स्थानीय निकाय विभाग के विजिलेंस डिपार्टमेंट को ड्राइवर देना नगर कौंसिल के फंडों का दुरुपयोग है। इसके अलावा डिप्टी डायरेक्टर लुधियाना के कार्यालय में फर्नीचर देने की जिम्मेदारी नगर कौंसिल पर डालना गलत है। इसके अलावा नए साल पर बधाई देने के लिए प्रकाशित करवाए गए 1.40 लाख के काडरें के खर्च को भी पास करना ठीक नहीं हैं। राजेश चौधरी ने कहा कि नगर कौंसिल में जारी बड़े पैमाने पर धन के कथित दुरुपयोग व भ्रष्टाचार जारी है। यदि विजिलेंस विभाग जाच करता है, तो यहा बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। उन्होंने कहा कि एक सोसायटी को ब्लैक लिस्ट करने के विरुद्ध कहा कि यदि ब्लैक लिस्ट करने की प्रथा शुरू करनी है तो अन्य उन सोसायटी को भी ब्लैक लिस्ट किया जाए, जो लंबे समय से संतोषजनक कार्य नहीं कर रही हैं

नंगल कौंसिल क्यों दे लुधियाना कार्यालय को फर्नीचर व ड्राइवर: शिवानी

फोटो 20 एनजीएल 18 में है।

वार्ड नंबर 19 की पार्षद शिवानी जसवाल ने आरोप लगाया है कि पहले की तरह आज भी उनके ऑब्जेक्शन मीटिंग में नियमों के अनुसार नहीं लिखे गए हैं। शिवानी ने बताया कि निकाय विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लुधियाना कार्यालय में 2.10 लाख का फर्नीचर खरीद कर देना, विजिलेंस विभाग के सीवीओ के लिए एक ड्राइवर की नियुक्ति पर 1.66 लाख खर्चने के अलावा सोसायटी को ब्लैक लिस्ट करने के प्रस्ताव पर उन्हें एतराज है। उन्होंने कहा कि ईपीएफ की अदायगी नगर कौंसिल को नहीं करनी चाहिए, बल्कि उस ठेकेदार से ईपीएफ की वसूली करवाई जानी चाहिए, जिसने लंबे समय तक कर्मचारियों का ईपीएफ जमा न करवा कर कर्मियों का शोषण किया है। सरकारी आदेशों से ही प्रस्तावों को दी सहमति: पम्मा वहीं नगर कौंसिल पर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए एडवोकेट परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सभी आरोप निराधार है। डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय में फर्नीचर खरीद कर देना तथा विजिलेंस विभाग के लिए ड्राइवर की नियुक्ति करने के साथ-साथ ईपीएफ की अदायगी जैसे सभी कार्य नियमों के अनुसार है। उन्होंने कहा कि स्पीकर राणा केपी सिंह के दिशा निर्देश में नंगल कौंसिल शहर के अंदर रिकॉर्ड विकास करवा रही है। विपक्ष के पार्षद विशेषकर शिवानी जसवाल लगातार पिछले पाच सालों से विकास कायरें में बाधा पैदा करने के लिए प्रस्तावों पर असहमति जताती आ रही हैं। ईपीएफ जमा न करवाने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध जरूरी कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।

Posted By: Jagran

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