जागरण संवाददाता, रूपनगर

शहर में एक लावारिस पागल सांड ने सचिवालय के आसपास इलाके में दहशत मचाई। पहले एसएमएल इसूजू फैक्ट्री में डयूटी पर जा रहे ड्राइवर को अपने सींगों पर उठाकर पटका, फिर रिटायर्ड जज के सामने आने पर भी उन्हें हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। इसके बाद सांड ने इरीगेशन विभाग के साथ बनी कुछ झुग्गियों के बाड़े में बंधे एक घोड़े, दो खच्चरों, एक गाय तथा बछड़ी को बुरी तरह घायल कर दिया। हमले में घोड़े ने दम तोड़ दिया। बछड़ी भी सांड के हमले में मारी गई। इसके बाद सांड ने हवेली के निकट बनी झुग्गियों को तहस- नहस कर दिया। यहां मां- बेटे को घायल कर दिया। लोगों ने सांड को रस्से डालकर पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। गौर हो कि वीरवार सुबह नौ बजे सचिवालाय रोड पर ड्यूटी पर जा रहे कृपाल ¨सह पुत्र दलीप ¨सह वासी गांव पिरोजपुर थाना चमकौर साहिब(रूपनगर) पर सांड ने हमला किया। उसकी पीठ पर सींगों के वार से करीब आठ -नौ इंच का गहरा घाव हो गया। जिसके बाद राहगीर हरप्रीत ¨सह तथा दिलावर ¨सह ने उसे सिविल अस्पताल रूपनगर में दाखिल करवाया गया। डकॅक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सेक्टर 32 चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इसके बाद सांड ने सचिवालय के निकट एक रिटायर्ड जज प्रीतम ¨सह धनोआ वासी सेक्टर 11 रणजीत नगर खरड़ पर हमला करते हुए उसे घायल कर दिया। जिसे सिविल अस्पताल में डाक्टरों द्वारा उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं

झुग्गियों में सांड के हमले से मां - बेटे सहित तीन लोग घायल हुए हैं। जिन्हें सिविल अस्पताल रूपनगर में दाखिल करवाया गया है। जिनकी पहचान सफी अहमद पुत्र नत्थू, अबदुल हसन पुत्र मेंहदी हसन तथा नियामती पत्नी मेंहदी हसन के रूप में हुई है।

15 सितंबर को विधायक करेंगे किसानों से लाचारिस पशुओं की समस्या के हल संबंधी बैठक जागरण संवाददाता, रूपनगर

रूपनगर से हलका विधायक अमरजीत ¨सह संदोआ ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि सरकार तथा प्रशासन के आपसी तालमेल की कमी के चलते लावारिस पशुओं (विशेषकर गायों व सांडों) की समस्या का समाधान होने की बजाय रोजाना और भी गंभीर होती जा रही है। उन्होंने पिछले विधानसभा सेशन के दौरान यह मुद्दा उठाया था। जिसके उत्तर में खुद मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन साहिब ने कहा था कि घूम रहे पशुओं को एक जगह एकत्र करके उनकी संभाल करने के लिए संबंधित विभागों को लगातार ग्रांटें जारी की जा रही हैं। जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तो वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा, ग्रांट तो वादों के चक्रव्यूह में ही फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वह 15 सितंबर को हलके के किसानों के साथ बैठक करेंगे तथा इस समस्या का समाधान करने के लिए रणनीति तैयार करेंगे।

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