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जागरण संवाददाता, नंगल

नि:शुल्क चलने वाली भाखड़ा ट्रेन वीरवार को भाखड़ा बाध तक नहीं पहुंच सकी । शायद इतिहास में यह पहली बार है, जब इस तरह से ये एतिहासिक ट्रेन नंगल से भाखड़ा बाध की ओर रवाना नहीं हो सकी है। बता दें कि भाखड़ा बाध के निर्माण समय से ही भाखड़ा बाध तक चलने वाली ट्रेन आसपास के इलाके के लोगों के लिए वरदान है, क्योंकि यह ट्रेन बिल्कुल मुफ्त चलती है जिसमें कोई भी इलाका वासी नंगल से भाखड़ा बाध तक निशुल्क रूप से यात्रा कर सकता है। बताया जा रहा है कि वीरवार को भाखड़ा ट्रेन चलाने के लिए इंजन में तेल नहीं था व दूसरा इंजन मरम्मत के चलते बंद पड़ा है। इन हालातों में ट्रेन नंगल से रवाना नहीं हो सकी। बीबीएमबी प्रबंधन ने बसों के माध्यम से कर्मचारियों को तो भाखड़ा बाध तक पहुंचा दिया, लेकिन ट्रेन पर पूरी तरह से निर्भर भाखड़ा बांध से सटे हिमाचल के जिला बिलासपुर व ऊना इलाके के लोगों विशेषकर छात्रों को नंगल आने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। काफी देर बाद छात्र व अन्य लोग नंगल पहुंचे। इसके अलावा ट्रेन के हॉर्न पर शहर की टिकी दिनचर्या के चलते शहर वासियों को अलार्मनुमा हॉर्न भी नहीं मिला, जिसके चलते लोग अजीब सा महसूस कर रहे थे।

इंधन के लिए बनाई जा रही है योजना

इस बारे भाखड़ा बाध के नंगल मैकेनिकल सर्कल के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर केके सूद ने बताया कि ट्रेन को उपलब्ध करवाए जाने वाले इंधन (डीजल) के लिए बनाई जा रही नई योजना के चलते ही ट्रेन रवाना नहीं हो सकी है। शुक्रवार से रोज की तरह ट्रेन चला करेगी। वीरवार को ट्रेन न जाने के कारण कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं आने दी गई है। समय पर सभी कर्मचारियों को बीबीएमबी की ओर से बसों के माध्यम से ड्यूटी पहुंचा दिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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