नंगल के अभिनव राणा की बड़ी उड़ान, भारतीय नौसेना में बने हेलीकाप्टर पायलट
हंडोला गांव के अभिनव राणा ने भारतीय नौसेना में हेलीकाप्टर पायलट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कठिन प्रशिक्षण ...और पढ़ें

पायलट अभिनव राणा।
जागरण संवाददाता, नंगल। भाखड़ा बांध के निकट स्थित हंडोला गांव के होनहार युवा अभिनव राणा ने भारतीय नौसेना में हेलीकाप्टर पायलट बनकर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। आसपास के करीब दस गांवों में पहली बार किसी युवा ने हेलीकाप्टर पायलट बनकर नई पहचान स्थापित की है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की बंगाणा तहसील के अंतर्गत आने वाले हंडोला गांव के अभिनव राणा ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इरादे, कठिन परिश्रम और देश सेवा के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।
हाल ही में नौसेना के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान अभिनव राणा ने हेलीकाप्टर पायलट के रूप में अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। देशभर से चयनित चुनिंदा अधिकारियों में शामिल अभिनव अब भारतीय नौसेना की विमानन शाखा में अपनी सेवाएं देंगे। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि हेलीकाप्टर पायलट बनने के लिए अत्यंत कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और उच्च स्तर की क्षमता की आवश्यकता होती है।
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परिवार को बेटे पर गर्व
अभिनव राणा के पिता शाम सिंह राणा ने बेटे की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां देश सेवा से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि अभिनव के दादा, नाना और अन्य परिजन भी राष्ट्र सेवा में योगदान दे चुके हैं। इसी पारिवारिक विरासत ने अभिनव को भी देश के लिए कुछ बड़ा करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने बताया कि अभिनव ने जालंधर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने निजी क्षेत्र में आकर्षक वेतन और बेहतर करियर के कई अवसर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के बजाय देश सेवा को प्राथमिकता दी और नौसेना में जाने का निर्णय लिया।
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2020 में हुआ था भारतीय नौसेना अकादमी में चयन
वर्ष 2020 में उनका चयन केरल स्थित भारतीय नौसेना अकादमी में हुआ था। इसके बाद उन्होंने चार वर्षों तक कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक क्षमता, तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व कौशल और उड़ान संबंधी दक्षताओं की कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ा। इस मेहनत का परिणाम आज पूरे क्षेत्र के सामने एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दिखाई दे रहा है।
अभिनव राणा की सफलता पर गांव हंडोला सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने खुशी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। कई लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
