सुभाष शर्मा, नंगल: भीषण गर्मी ने यहां शिवालिक पहाड़ियों की रेंज में स्थित नंगल की वादियों में भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। गर्मी से बचने के लिएकघरों में कूलर व एसी चालू हो चुके हैं , वहीं इसके अलावा भी लोग शहर में बह रही नहरों व नंगल डैम की सतलुज झील के स्नान घाटों पर दरिया के बर्फ जैसे ठंडे पानी में नहा कर राहत पा रहे हैं। गर्मी का असर शहर के बाजारों व सड़कों पर भी दिख रहा है। दिन के समय बेहद व्यस्त रहने वाले अड्डा मार्केट व नंगल-भाखड़ा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही कम हो चुकी है। इस बार पिछले सालों की तुलना में पहले ही शुरू हो चुकी गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो चुका है। हालांकि वीरवार रात्रि करीब आठ बजे तथा गत चार मई सुबह जोरदार बारिश पड़ी थी, लेकिन गर्मी की तपिश के कारण बारिश का असर भी कम रहा है। गर्मी के चलते दोपहर के समय आम जगहों पर सन्नाटा पसरा दिख रहा है। स्कूलों से दोपहर के समय छुट्टी होने पर छात्र गर्मी से बेहाल होकर घरों तक पहुंच रहे हैं। गर्मी की वजह से ही आगजनी की घटनाएं शुरू हो चुकी हैं वहीं जंगलों में सूख चुके जल स्त्रोतों की वजह से वन्य प्राणी भटक कर शहर में नहरों की तरफ पहुंच रहे हैं। उधर आर्य अस्ताल, मैहतपुर ( नंगल) के डा. दीपक आर्यगेस्ट्रोलाजिस्ट ने कहा कि गर्मियों के मौसम में स्वच्छता का ध्यान रख कर हाथों को हैंड वाश लिक्विड से साफ करते रहें। खाने में स्वच्छता का ध्यान रखें। दिन में कम से कम चार लीटर स्वच्छ पेयजल का सेवन जरूर करें। ज्यादा पके तथा काटकर रखे गए फलों का सेवन न करें। नियमित व्यायाम व योग भी गर्मियों के दिनों में लाभदायक हो सकता है। तले आहारों जैसी सामग्री के सेवन से बचें क्योंकि ऐसे आहार पेट में हजम न होने की सूरत में संक्रमण फैला सकते हैं। जहां तक हो सके घर से निकलते समय पानी पीकर निकले।

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