जागरण संवाददाता, रूपनगर: रूपनगर के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल भक्कूमाजरा में बने बोर्ड परीक्षा केंद्र में हुए बॉयोलॉजी और वोकेशनल एजुकेशन के 16 विद्यार्थियों की उत्तर पत्रियां शिक्षा बोर्ड के पास जमा करवाने में अनियमितता पाई गई है। परीक्षा के बाद पेपर सील बंद लिफाफे में शिक्षा बोर्ड के उप दफ्तर में जमा करवाने होते हैं और ये जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र के सुपरिटेंडेंट की होती है। भक्कूमाजरा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में सोमवार को आठवीं और 12वीं क्लास के बॉयोलॉजी और वोकेशनल एजुकेशन के 16 विद्यार्थियों ने पेपर दिए। परीक्षा केंद्र में सुपरिटेंडेंट की ड्यूटी पर सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल लुठेड़ी के लेक्चरर दविदर सिंह थे। सुपरिटेंडेंट ने ही पेपर आगे बोर्ड दफ्तर में जमा करवाने होते हैं, लेकिन उन्होंने यह पेपर जमा नहीं करवाए। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सुपरिटेंडेंट का काम पेपर होने के बाद सील बंद लिफाफे में उसी दिन बोर्ड के उप दफ्तर में जमा करवाना होता है, लेकिन आमतौर पर सुपरिटेंडेंट यह काम स्कूल के चपड़ासी को सौंप देते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ और पेपर जमा नहीं हो पाए। वहीं पेपर जमा न करवाने की वजह यह बताई जा रही है कि चपरासी ने शराब पी ली और उसके नशे में वह पेपर जमा करवाना भूल गया। मंगलवार को इस बात का पता चलने पर पेपर बोर्ड के उप दफ्तर में जमा करवाए गए।

रूपनगर के जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) ने जिले के समूह प्रिसिपल कम केंद्र कंट्रोलर परीक्षा को पत्र नंबर परीक्षाएं 2020/330 को 16 मार्च 2020 को ही पत्र जारी करके कहा था कि सभी को हिदायत की जाती है कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पत्रियां जमा करवाने की जिम्मेदारी केंद्र कंट्रोलर और केंद्र सुपरिटेंडेंट की होगी। साडे बंदे ने जमा करवाए पेपर उधर भक्कूमाजरा में बने परीक्षा केंद्र के सुपरिटेंडेंट दविदर सिंह से जब पूछा गया कि आपने चपरासी को पेपर जमा करवाने के लिए दिए थे, तो उस पर उन्होंने कहा कि साडे बंदे (चपरासी) ने ही सारे पेपर जमा करवाए। उसे चोट लगी है, इसलिए मंगलवार सुबह पेपर जमा करवाए दिए हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!