जागरण संवाददाता, नंगल

भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने रोष व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया है कि एलआइसी को पूंजी बाजार में सूचीबद्ध क्यों किया गया है। रोष व्यक्त करने वालों में शामिल एओ भजन सिंह, शिव कुमार, एएओ आरएस सिन्हां, शैली शर्मा, आरके शर्मा, जेके भार्गव, सुशील कुमार ने कहा है कि केंद्र सरकार विदेशी कॉरपोरेट को खुश करने के लिए बिना सोचे देश के आत्मनिर्भर विकास की रीढ़ को तोड़ने के लिए कुछ भी करने पर उतारू हो गई है। एलआइसी की परम विश्वसनीय व अतुलनीय शोधन क्षमता को भी पूंजी बाजार में सूचीबद्ध करने की चाह में डांवाडोल किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि यह सभी को पता है कि पिछले वर्ष के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम का किस तरह से दोहन किया था। चाहे वह सार्वजनिक क्षेत्र में विनिवेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की बात रही हो या निजी क्षेत्र की डूबती कंपनियों को उबारने की।

एलआइसी ने ही संकटमोचक के तौर पर भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा है कि अगर निजी क्षेत्र इतना ही सक्षम है, तो हवाई क्षेत्र की किंगफिशर और अभी हाल ही में जेट एयरवेज एयरवेज क्यों तबाह हो गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसा करके केंद्र सरकार देश में विश्वास की प्रतीक एलआइसी का गला घोंटने जा रही है। यह देश की जनता की समझ से परे है। उन्होंने कहा कि बीमा कर्मियों के अखिल भारतीय श्रम संगठन ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन ने एलआइसी को पूंजी बाजार में सूचीबद्ध करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। बुधवार को निगम परिसर में एक घंटे तक किए रोष प्रदर्शन में एबीएम हरदीप सिंह, अविनाश शर्मा, सौरभ कुमार, जोग राज शर्मा, इंद्रजीत सिंह, हरदीप कुमार, जगतार सिंह, शाम लाल, सुरेंद्र पाल, अनिल कुमार, पूनम शर्मा, विजय कुमार, नरेश शारदा, कन्हैया लाल व कैलाश चंद भी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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