पंजाब में कर्ज लेकर करवाई ट्रेनिंग, सिपाही बनते ही पत्नी ने दिया धोखा; पति ने फंदा लगाकर दी जान
राजपुरा में एक व्यक्ति ने पत्नी के सिपाही बनने के बाद साथ छोड़ने और तलाक की धमकियों से परेशान होकर ...और पढ़ें
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कर्ज लेकर ट्रेनिंग करवाई, सिपाही बनते ही ससुराल छोड़ा, तंग आकर पति ने दी जान।
HighLights
पत्नी के सिपाही बनने के बाद पति का साथ छोड़ा।
देवर ने भाभी की भर्ती और ट्रेनिंग पर पैसे खर्च किए।
तलाक की धमकियों से परेशान पति ने आत्महत्या की।
संवाद सहयोगी, राजपुरा (पटियाला)। थाना सदर राजपुरा इलाके में शादी के बाद सिपाही भर्ती होते ही एक महिला ने पति का साथ छोड़ दिया। महिला के भर्ती होने व ट्रेनिंग पर देवर ने पैसा खर्च कर दिया, जिसकी मार्च 2026 में अचानक मौत हो गई।
कुछ दिन बाद पति भी हादसे में जख्मी हो गया तो महिला ने कहा कि घर में कमाने वाले कोई नहीं रहा है। उसके सहारे घर खर्च चलाने की उम्मीद न करें, जिसके बाद पति ठीक होते ही पत्नी को मनाने की कोशिश करता रहा। चार महीने से कोशिश कर रहे पति ने उम्मीद छोड़ते हुए 25 सितंबर की रात को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह 26 साल निवासी राम नगर सोंटी, राजपुरा के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक के पिता अवतार सिंह के बयानों पर आरोपित पत्नी रीतिका निवासी छोटी बारादरी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता के अनुसार उसके दो बेटे व दो बेटियां थी और दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे गुरप्रीत सिंह 26 साल का विवाह रीतिका के साथ नवंबर 2025 में हुई थी। शादी के बाद रीतिका ने कहा कि सिपाही की तैयारी कर रही है तो छोटे बेटे बलजीत सिंह ने अपनी भाभी की वित्तीय रूप से मदद करनी शुरू कर दी। गुरप्रीत सिंह ट्रैक्टर चलाने का काम करता था तो गुरप्रीत का छोटा भाई बलजीत सिंह वेल्डिंग का काम करता था।
भाभी के सिपाही भर्ती होने के बाद घर में खुशियों का माहौल था, इतने में रीतिका ने ट्रेनिंग पर पैसों का खर्च होने की बात कही। इस तरह बलजीत सिंह दो से तीन लाख रुपये की मदद कर चुका था। रीतिका सिपाही की वर्दी पहनकर अक्सर घर पर आती थी और ज्यादातर समय डयूटी होने की बात कह घर से बाहर रहती थी।
मार्च 2026 में हार्ट अटैक आने की वजह से बलजीत सिंह की मौत हो गई और 15 दिन गुरप्रीत सिंह हादसे में जख्मी हो गया। घर पर सिपाही की वर्दी पहन रीतिका हाल जानने आई, जिसके बाद वापिस नहीं लौटी और फोन पर भी बात करनी बंद कर दी।
फोन कर रीतिका के परिवार से बात भी की तो उन्होंने भी भद्दी गालियां देनी शुरू कर दी। जिस वजह से गुरप्रीत सिंह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा और लगातार रीतिका की तरफ से मिल रही तलाक की धमकियों से परेशान होकर उसने 25 सितंबर को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
