बलविदरपाल सिंह, पटियाला : शाही शहर के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कारगुजारी पर सवालिया निशान खड़े होने शुरू हो चुके हैं। कोर्ट द्वारा पहले ही जहां ट्रस्ट के खाते अटैच कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट ने चार दर्जन से ज्यादा डेलीवेज मुलाजिम रख लिए हैैं। डेलीवेज मुलाजिमों का छह महीने का सैलरी बजट ही कई लाख रुपये में बताया जा रहा है। इन डेलीवेज मुलाजिमों की सैलरी के भुगतान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभिन्न स्कीमों में बनता लाभ न मिलने पर मुआवजे के लिए दायर केसों के चलते कोर्ट ने ट्रस्ट के खातों को अटैच किया। उधर ट्रस्ट अधिकारी इस मामले पर सही जानकारी देने को तैयार नहीं हैैं। ट्रस्ट के कितने खाते अटैच किए हैं, खुद ट्रस्ट के अकाउंटेंट को ही पता नहीं है। खाते अटैच होने से डेवलपमेंट सहित अन्य काम प्रभावित

कोर्ट द्वारा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के खाते अटैच करने के बाद ट्रस्ट द्वारा अन्य स्कीमों में किए जा रहे डेवलपमेंट सहित अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं। ट्रस्ट के 12 के करीब बैंक खाते बताए जा रहे हैैं और सभी खातों को कोर्ट द्वारा अटैच कर दिया गया। हालांकि दूसरी ओर ट्रस्ट अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट द्वारा कुछ खाते ही अटैच किए गए हैं, जिससे ट्रस्ट को ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा। हालांकि विभिन्न संपत्तियां स्कीम के बावजूद न बिकने से ट्रस्ट पहले ही वित्तीय संकट में चल रहा है। कोर्ट से स्टे लेने के लिए डाली है अपील

कोर्ट द्वारा ट्रस्ट के खाते अटैच करने के मामले पर ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी ने कहा कि अटैच हुए बैंक खातों पर स्टे लेने के लिए ट्रस्ट द्वारा अपील दायर की गई है। चौधरी ने कहा कि कुछ खातों को ही कोर्ट द्वारा अटैच किया गया है, जिससे ज्यादा कोई परेशानी नहीं आ रही। कोर्ट ने कितने खातों को अटैच किया है, के बारे में जानकारी अकाउंटेंट के पास है। वहीं इस संबंधी जानकारी दे सकते हैं। ट्रस्ट द्वारा डेलीवेज पर चार दर्जन से ज्यादा मुलाजिम रखने के सवाल पर राजेश चौधरी ने कहा कि यह काम इंजीनियरिग विग का है, उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। कितने खाते अटैच, अकाउंटेंट भी बताने को तैयार नहीं

कोर्ट द्वारा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कितने खाते अटैच किए गए हैं, के बारे में ट्रस्ट के अकाउंटेंट अबदुल भी बताने को तैयार नहीं हैं। अकाउंटेंट अबदुल का कहना है कि कोर्ट ने कुछ खाते अटैच किए हैं, पर कितने किए हैं, के बारे में दफ्तर जाकर ही बता सकता हूं। विभिन्न कोर्ट केस चल रहे हैं जिसके चलते कई खाते रखने पड़ते हैं। इसलिए ट्रस्ट के 12 के करीब बैंक खाते हैं। उन्होंने कहा कि खाते अटैच होने से काम तो प्रभावित होते ही हैं।

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